सड़क दुर्घटना होने पर मृतक के आश्रित को 1 लाख रुपए का मुआवजा
रांची:- झारखंड में लॉकडाउन के बाद बंद पड़े स्कूलों और कॉलेजों में कल 17 दिसंबर से पढ़ाई की शुरुआत होगी. वर्तमान समय में सिर्फ 10वी, 12वी क्लास तक के बच्चों की कक्षा शुरू करने की अनुमति दी गई हैं. यह निर्णय मंगलवार की देर शाम को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में ली गयी. इस बैठक में विभागीय मंत्री बन्न गुप्ता भी उपस्थित थे.
आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यालय की ओर से मंगलवार देर शाम यह जानकारी दी गयी है कि बैठक में तय किया गया कि लॉकडाउन के बाद से बंद पड़े स्कूलों और कॉलेजों में कल से पढ़ाई की शुरुआत की जाएगी. साथ ही मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज में भी पढ़ाई शुरू करने की अनुमति दी गई हैं, इसके अलावे सरकारी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी खोले जाएंगे, साथ ही सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी चालू रखने का निर्देश दिया है.
सड़क दुर्घटना में 1 लाख का मुआवजा
राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए तय किया है कि सड़क दुर्घटना में हुए मृतक के आश्रित को 1 लाख रुपये का मुआवजा राशि दिया जाएगा.यह मुआवजा राशि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दिया जाएगा. इसके अलावा शादी समारोहों जैसे आयोजन में सरकार ने थोड़ी राहत देते हुए बाहर मैदान में हुए आयोजन में 300 लोगों को शामिल होने की अनुमति दे दी हैं , जबकि होटल या बैंकेट हाल के अंदर आयोजन पर 200 लोगों को ही अनुमति प्रदान की गई हैं.
धार्मिक आयोजन व अनुष्ठान की अनुमति
धार्मिक स्थलों और अनुष्ठानों या आयोजनों में 200 लोगों को हिस्सा लेने की अनुमति दी हैं.
पार्क, स्वीमिंग पुल अभी रहेगा बंद
लेकिन फिलहाल स्वीमिंग पुल, पार्क और सिनेमा घरों को बंद रखने का फैसला सरकार ने किया है. जबकि सर्प दंश से मारे जाने वाले लोगों को मुआवजा राशि देने का प्रावधान हैं लेकिन लोगों को जानकारी का अभाव हैं इसके लिए वयापक तौर पर प्रचार प्रसार करने का फैसला सरकार ने लिया है.इसके अलावा कोरोना काल में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दी गई राशि का प्रत्येक विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना सुनिश्चित और अनिवार्य किया गया है साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग पूरे खर्च का ऑडिट कराएगा.
कोराना के खिलाफ लड़ाई में सीसीएल ने दिये 20करोड़
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं एसडीएमए के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि सेंट्रल कोल्ड फील्ड द्वारा कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए सीएसआर फंड के तहत 20 करोड़ रुपया उपलब्ध कराया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएसआर के तहत आने वाले अन्य संस्थान व उद्योग भी कोरोना के खिलाफ अपनी भूमिका निभाएं. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के मद्देनजर अक्टूबर में निर्गत आदेश के तहत प्रतिबंधित गतिविधियां यथा स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, सिनेमा घर खोलने एवं समारोह, धार्मिक आयोजन, मेला, पार्क में जुटने वाले लोगों संख्या को लेकर अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया.
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव हिमानी पांडे, प्रधान सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव अबु बकर सिद्दकी, सदस्य सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग राजीव कुमार व विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
निजी लैब में कोरोना जांच 800 रुपये से घटाकर 400 रुपये की गयी
इधर राज्य सरकार जनहित की दिशा में लगातार संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही हैं, इसी क्रम में प्राइवेट कोरोना जांच की लगातार समीक्षा की जा रही हैं और जांच का दर कम किया जा रहा है, इसी के तहत एक बार फिर कोरोना जांच की दर 800 रुपये से घटाकर 400 रुपये कर दी गई हैं.

