रांची: प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2020 की अधिसूचना को लेकर आज कार्यालय, पदाधिकारी व अभियंता संगठनों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया.
यह आंदोलन ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स एवं विद्युत अभियंताओं एवं कामगारों का नेशनल को-ऑडिनेशन विद्युत कमेटी नयी दिल्ली के आह्वान पर किया गया.
इस आंदोलन के जरिये जनता, किसान व सभी उपभोक्ताओं को उनके अधिकार छीनने के बारे में भी जागरूक किया. आज पूरे देश भर में 15 लाख विद्युत कर्मचारी, अभियंता एवं पदाधिकारियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया. इस संबंध में विद्युत डिप्लोमा अभियंता संघ के महामंत्री पीके जायसवाल ने कहा कि झारखंड में जहां अपना उत्पादन नहीं के बराबर है, उपभोक्ताओं को बिजली खरीद कर दी जा रही है. इस स्थिति में खासकर झारखंड में उक्त विधेयक के पारित होने के बाद भयावह स्थिति हो जायेगी. क्योंकि, हम महंगी बिजली खरीदकर और ज्यादा महंगी बिजली उपभोक्ताओं को दे पायेंगे.
इस विधेयक के आने के बाद पूंजीवादी ताकतों की नजर पड़ेगी और इसमें कहीं भी सेवा भावना नहीं रह पायेगी. उन्होंने कहा कि आज पूरा देश कोविड-19 के संकट से गुजर रहा है और इस संकट की घड़ी में भी केंद्र सरकार द्वारा विधेयक लाने की जल्दबाजी से स्पष्ट है कि इसमें केंद्र सरकार का कोई छिपा हुआ एजेंडा है.

