दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य में लाएं प्रगति
डालटनगंज. पलामू के उपायुक्त शशि रंजन ने कृषि, सहकारिता, उद्यान, मत्स्य, गव्य एवं पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा की. समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कार्यों में प्रगति लाने सहित अन्य निर्देश दिये.
उपायुक्त ने कृषि विभाग की समीक्षा में किसानों को केसीसी का लाभ देने का निर्देश दिया. उन्होंने पाया कि केसीसी के 8812 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं. जिसमें 1613 आवेदन बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए हैं. उपायुक्त ने केसीसी करने में प्रगति लाने का निर्देश दिया. साथ ही मिट्टी के नमूने की जांच अधिक- से-अधिक कराने का निर्देश दिया. जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा उपायुक्त को अवगत कराया गया कि मिट्टी के नमूने की जांच हेतु 674 मिट्टी नमूना प्राप्त हुआ है. इसमें 260 का ऑनलाइन इंट्री किया जा चुका है, जबकि 75 के नमूने की जांच भी की जा चुकी है. उन्होंने जिले में मिट्टी जांच संबंधी केमिकल की अन-उपलब्धता जाहिर की. कहा कि केमिकल की उपलब्धता से मिट्टी जांच में गति आएगी.
गव्य विकास के कार्यो की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पलामू जिले के गणके में लगाये जा रहे दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य प्रगति लाने का निर्देश दिया. वहीं टाना भक्तों को गाय दिए जाने की योजना का लाभ देने का निदेश दिया. समीक्षा में पाया गया कि गव्य विकास में 3266 आवेदन की केसीसी के लिए प्राप्त हुआ है, जिसमें 2699 बैंकों को भेजा गया है.
मत्स्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पाया कि केसीसी से संबंधित 7135 आवेदन बैंकों को भेजा गया है, जिसमें 150 ही स्वीकृत हुए हैं. उपायुक्त ने बैंकों के सहयोग से किसानों को केसीसी का लाभ देने का निर्देश दिया.
उद्यान के समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पलामू जिले में प्रस्तावित पैक हाउस निर्माण का लाभ वैसे प्रगतिशील कृषकों को देने का निर्देश दिया, जो इसका अच्छे से उपयोग कर सकते हैं.
सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लैम्स एवं पैक्स को मजबूत, व्यापार मंडल को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया. सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया कि जिले में कोल्ड रूम एवं गोदाम बनाए जा रहे हैं. जमीन की उपलब्धता से थोड़ी परेशानी आ रही है. उपायुक्त ने कोल्ड रूम एवं गोदाम के निर्माण संबंधी कार्यों में गति लाने और उसका सही से अनुश्रवण करने का सख्त निर्देश दिया
पशुपालन विभाग की समीक्षा में उपायुक्त ने कृत्रिम गर्भाधान का कार्यक्रम एवं डिस्पेंसरी में पशु चिकित्सक को नियमित बैठाने का निर्देश दिया, ताकि पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके. बैठक में उपायुक्त शशि रंजन के अलावा कृषि, सहकारिता, उद्यान, मत्स्य, गव्य एवं पशुपालन विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे.

