एक अन्य मामले में 9 नवंबर के बाद जमानत याचिका दायर होगी
रांची: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को शुक्रवार को चाईबासा कोषागार से जुड़े अवैध निकासी मामले में जमानत मिल गयी, लेकिन इसके बावजूद उनके बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम तक जेल में ही रहने की संभावना है. हालांकि तीसरे मामले में भी आधी सजा की अवधि पूरी होने के बाद अगले महीने उनके जेल से बाहर आने की संभावना बढ़ गयी है.
लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि दुमका कोषागार से जुड़े मामले में आगामी 9 नवंबर को उनकी आधी सजा पूरी होगी, जिसके बाद उस मामले में भी जमानत मिल जाने की उम्मीद है.उन्होंने बताया कि इस मामले में आधी सजा की अवधि 9 नवंबर को पूरी हो रही है, इस बीच दुर्गा पूजा और दीपावली को लेकर उच्च न्यायालय में कई अवकाश भी है, वे कैलेंडर देख लेंगे, उसके बाद जमानत याचिका दायर की जाएगी.
लालू प्रसाद के अधिवक्ता ने बताया कि सजा की आधी अवधि पूरी होने आधार पर ही आज चाईबासा कोषागार से जुड़े मामले में उन्हें जमानत मिली है, जबकि दुमका कोषागार से जुड़े तीसरे मामले में भी 9 नवंबर को सजा की आधी सजा पूरी हो रही है. कैलकुलेशन के बाद सारे दस्तावेज के साथ जमानत याचिका जल्द ही दायर की जाएगी.
लालू प्रसाद के अधिवक्ता ने बताया कि आज भी सीबीआई की ओर से इसका विरोध किया गया. लेकिन उनकी ओर से तर्क दिया गया कि इस मामले में सजा की आधी पूरी हो चुकी है, इसे लेकर सारे दस्तावेज पेश किये गये. उन्होंने बताया कि सजा की आधी अवधि पूरी होने के कारण पहले ही इस मामले के सभी आरोपियों को जमानत मिल गयी है.
सीबीआई की ओर से तीसरे मामले में विरोध की बनायी गयी रणनीति
दुमका कोषागार से 3.13करोड़ अवैध निकासी मामले में 24 मार्च 2018 को लालू प्रसाद यादव को दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनयी गयी है, जबकि 60लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सीबीआई की ओर से अदालत में यह तर्क देने की रणनीति बनायी गयी है कि अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनायी गयी है, ये सजा एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चलेगी, इसलिए सजा की अवधि कुल 14वर्ष हो जाती है. इस कारण अभी सजा की आधी अवधि पूरा नहीं हो रही है. दूसरी तरफ सीबीआई के अधिवक्ता का कहना है कि सभी धाराओं की सजा एक साथ चलती है.

