रांची. रांची विश्वविद्यालय स्थित श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार में एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट रांची में आज आयुष्मान भारत अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं एएनसी रजिस्ट्रेशन के क्रियान्वयन संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई. आयोजित बैठक के दौरान अस्पताल पहुंचने वाले लाभुक मरीजों के आयुष्मान भारत स्कीम के तहत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया.
बैठक के दौरान उपायुक्त छवि रंजन ने कहा, “ऐसे सभी मरीज जो कि बीपीएल कार्डधारक हैं, उनका आयुष्मान योजना के तहत हर हाल में रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें.“
“सभी सीएचसी में आईपीडी मरीजों के रजिस्ट्रेशन एवं आयुष्मान भारत में उनके रजिस्ट्रेशन के आंकडें में एक बड़ा गैप है, जो कि स्वीकार्य नहीं है.“
“अगली रिव्यु मीटिंग में पहुंचने से पहले सभी एमओआईसी अपने – अपने सीएचसी केन्द्र के तहत आने वाले कार्ड धारकों का आयुष्मान रजिस्ट्रेशन में सुधार करें. लापरवाही करने वालों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.“
साथ ही, सिविल सर्जन रांची को लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश दिया गया.
बैठक के दौरान गर्भवती महिलाओं के एएनसी रजिस्ट्रेशन की भी रिव्यु की गई. एएनसी रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों को लेकर उपायुक्त छवि रंजन ने कहा, “04 एएनसी में से पहले एएनसी में अगर रजिस्ट्रेशन की संख्या थोड़ी कम है जिसमें सुधार की ज़रूरत है. लेकिन दूसरे, तीसरे और चौथे एएनसी में जहां-जहां के आंकड़े कम हैं, उन सभी एमओआईसी एवं सीडीपीओ को हिदायत दी जाती है कि एएनसी रेजिस्ट्रेशन में सुधार करें अन्यथा ऐसे सभी एमओआईसी/सीडीपीओ जिनके क्षेत्र में आंकड़े 60प्रतिशतउससे कम हैं, उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जायेगी और ज़रूरत हुई तो सैलरी भी रोकी जाएगी.“
बैठक के दौरान उपायुक्त छवि रंजन ने कहा, “गर्भवती महिलाओं की इंस्टिट्यूशनल डिलीवरी के आंकड़े जो कि आरसीएच पोर्टल में दर्ज हैं, जिन-जिन सीएचसी केन्द्रों पर कम हैं उन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब करें.
साथ ही, उन्होंने कहा कि, सभी एमओआईसी, मेडिकल अधिकारी एवं एमओआईसी यह बात साफ समझ लें कि इन मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त के लायक नहीं है. ज़रूरत पड़े तो सहियाओं-सेविकाओं के साथ-साथ सीडीपीओ एवं एमओआईसी लगातार फील्ड विजिट करें. सभी के पास एक्सपेक्टिंग कपल की लिस्ट भी होनी चाहिए. ऐसे सभी लोगों के घरों तक सहियाओं को भेजें और उनकी इंस्टिट्यूशनल डिलीवरी (अस्पताल में डिलीवरी) सुनिश्चित करवाएं.“
बैठक के दौरान उपायुक्त रांची ने सभी एमओआईसी को सख़्त निदेश देते हुए कहा कि, पिछले कुछ हफ्तों में मैंने ख़ुद कई सीएचसी केन्द्रों का दौरा किया है. इस दौरान कई स्थानों पर शौचालयों की स्थिति ठीक थी लेकिन कई स्थानों पर स्थिति भयावाह जैसी है. इसे जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर सुधार लें अन्यथा सख़्त कार्रवाई होगी.
“रांची जिलान्तर्गत गर्भवती महिलाओं को हर हाल में सभी तरह की सुविधा सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से सभी हेल्थ सब सेन्टर्स पर एएनएम को एएनसी किट बांटा गया है. सभी को ट्रेनिंग भी दी जा रही है. सभी सीएचसी केन्द्र में सामान्य स्थिति के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, इसके बाद भी अगर गर्भवती महिलाओं को सुविधा नहीं मिलती है तो लापरवाही बरतने वाली सहियाओं के खिलाफ़ एमओआईसी करवाई करें, सेविका अगर लापरवाही कर रही हों तो उनके खिलाफ़ सीडीपीओ-डीएसडब्ल्यूओ कार्रवाई करें. बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त रांची, सिविल सर्जन रांची, डीआरसीईचो रांची सहित डीएसडब्ल्यूओ रांची, सभी सडीपीओ एवं एमओआईसी इत्यादि उपस्थित थे.
