ब्यूरो चीफ,
रांची: झारखंड राज्य खनिज विकास निगम की तरफ से राज्य के बड़े बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की जा सकी है. जानकारी के अनुसार सिर्फ 165 छोटे बालू घाटों के ट्रांसपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. फिलहाल 18 जिलों के 49 छोटे घाटों के स्टॉकिस्ट का चुनाव किया जा रहा है. नये नियमों के अनुसार बालू की बिक्री राज्य भर में राज्य खनिज विकास निगम के मार्फत ही होगी. नदी के घाटों से स्टॉक स्थल तक बालू लाने के लिए सरकार ट्रांसपोर्टरों का चुनाव कर रही है. फरवरी 2019 में ही निलामी की प्रक्रिया शुरू की गयी थी पर लोकसभा चुनाव की वजह से इसे पूरा नहीं किया जा सका. लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल ने 15 अक्तूबर तक बालू की नीलामी पर लोक लगा दी.
18 जिलों में ही हो रही है बालू घाटों की नीलामी
राज्य के गढ़वा, लातेहार, पलामू, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा, दुमका, सरायकेला-खरसांवां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, बोकारो, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गुमला, लोहरदगा, खूंटी और रांची में पांच हेक्टेयर तक के बालू क्षेत्रों की निविदा सरकार की तरफ से निकाली गयी है. इस सूची में सरकार की तरफ से गुमला, हजारीबाग और चतरा के चार बालू घाटों को जोड़ा गया, जबकि गोड्डा के दो घाटों को सूची से अलग कर दिया गया. सरकार का कहना है कि इन जिलों के जिला खनन पदाधिकारी ही बालू घाटों से बालू के उठाव संबंधी माइनिंग प्लान देंगे और संवेदकों के साथ समझौता किया जायेगा.
राज्य में बालू का हो रहा अवैध उठाव
राज्य भर में बालू का अवैध उठाव हो रहा है. राजधानी रांची समेत बड़े शहरों में प्रति दिन 450 से 500 ट्रक (छोटे-बड़े) बालू की खपत होती है. पूरे राज्य में पांच हजार हाईवा बालू की खपत होती है. बालू घाटों से बालू के उठाव के लिए जेएसएमडीसी को नोडल एजेंसी बनाया गया है. झारखंड बालू ट्रक एसोसिएशन के महासचिव मोइज अख्तर का कहना है कि राज्य भर में कुल 656 बालू घाट हैं. सरकार की तरफ से निकाले गये विज्ञापन की सूची में कई घाट हैं ही नहीं. जिन घाटों का ऑक्शन हुआ है, उनका नाम भी सरकार ने सूचिबद्ध नहीं किया है.
एसोसिएशन का कहना है कि राज्य भर में फिलहाल 800 रुपये से 900 रुपये तक टेंपो में बालू ढुलाई की जा रही है. ट्रैक्टर से बालू की ढुलाई पर 18 सौ से 2 हजार रुपये लिये जा रहे हैं. टर्बो ट्रक से ढुलाई पर चार हजार रुपये, डंफर पर आठ हजार रुपये और बड़ा हाईवा से बालू की ढुलाई पर 18000 रुपये लिये जा रहे हैं.


