अंतरराष्ट्रीय फैक्ट चेकिंग डे को हर साल 2 अप्रैल को मनाया जाता है. इस डिजिटल युग में फेक न्यूज का जाल सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इसके बेहद भयानक परिणाम भी सामने आ रहे हैं. गलत जानकारियों के फैलने से कई अनहोनी घटनाएं हो गई हैं. ऐसे में तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है. कई फैक्ट चेक और वेरिफिकेशन वेबसाइट तथ्यों की जांच कर सच लोगों को बता रहे हैं. फैक्ट चेकिंग जरूरी हो गया है कि चेकर्स कम्युनिटी को नोबेल शांति प्राइज के लिए नॉमिनेट भी किया गया है. ऐसे ही एक विश्वास न्यूज वेबसाइट है. विश्वास न्यूज एक फैक्ट चेक और वेरिफिकेशन पोर्टेल है. जो हिंदी, अंग्रेजी सहित 10 भाषाओं में फेक न्यूज और गलत सूचनाओं का सच लोगों को बताने का काम कर रही है.
गूगल ने बताया तथ्यों की जांट कैसे करें
अंतरराष्ट्रीय फैक्ट चेकिंग डे से पहले गूगल ने निर्देशों की एक लिस्ट जारी की थी. जिसमें फैक्ट की जांच की जा सकती हैं. इनमें से एक गूगल अर्थ है. जिसकी सहायता है पता लगाया जा सकता है कि कोई फोटो निर्दिष्ट स्थान पर लिया गया है या नहीं. वहीं गूगल ने रिवर्स इमेज, फैक्ट चेकिंग टूल और कई सोर्स से तथ्यों की जांच करने की सलाह दी है.
झूठ को सामने लाती विश्वास न्यूज की टीम
विश्वास न्यूज फैक्ट चेक और वेरिफिकेशन वेबसाइट है. यह हिंदी, अंग्रेजी समेत 10 दूसरी भाषाओं में फेक न्यूज और गलत सूचनाओं का पर्दाफाश करती है. विश्वास न्यूज इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क द्वारा प्रमाणित है और एमएमआई ऑनलाइन लिमिटेड का हिस्सा है. यह तथ्यात्मक और विश्वसनीय जानकारी के लिए काम करता है. वहीं असली और नकली सूचनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने का काम करते हैं. फेक न्यूज और गलत सूचाओं की जांच के साथ विश्वास न्यूज की टीम पूरे देश में ‘सच के साथी’ फैक्ट चेक जागरूकता प्रशिक्षिण और कार्यशालाओं का आयोजन करती है.

