न्यूयॉर्क: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफजई ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संकट खत्म होने के बाद भी दो करोड़ लड़कियां शायद स्कूल नहीं पहुंच पाएंगी. एक अखबार के मुताबिक, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर शुक्रवार को मलाला ने माना कि कोविड-19 ने महिलाओं को शिक्षित करने के हमारे सामूहिक लक्ष्य को नुकसान पहुंचाया है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा के मोर्चे पर महामारी खत्म होने के बाद भी दो करोड़ लड़कियां स्कूल नहीं लौट पाएंगी. वैश्विक स्तर पर कोष जुटाने के प्रयासों को भी धक्का लगेगा.
पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए मुहिम के दौरान पाकिस्तान तालिबान के आतंकियों ने मलाला को गोली मार दी थी. मलाला ने वैश्विक समुदाय को याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा पांच साल पहले निर्धारित सतत वैश्विक लक्ष्य में लाखों लड़कियों के सुनहरे भविष्य की कल्पना की गई थी, जो शिक्षित होना चाहती हैं और गैर बराबरी से मुकाबला करना चाहती हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बहुत कम प्रयास हुए हैं. उन्होंने वैश्विक संस्था से सवाल किया आप कब काम पूरा करने का विचार कर रहे हैं.

