ग्रामीण विकास विभाग की ओर से निर्वाचन आयोग से चुनाव संपन्न कराने का किया गया है आग्रह
रांची: झारखंड में आगामी मई-जून महीने में पंचायत चुनाव करा लिये जाने की संभावना है. इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भी लिखा जा चुका है.
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को ही इस संबंध में आयोग को पत्र लिखकर पंचायत चुनाव संपन्न कराने का आग्रह किया गया है. वहीं पंचायत चुनाव संपन्न कराने में आ रही सबसे बड़ी बाधा को दूर करते हुए डी0के0 तिवारी को राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाया जा चुका है और वे खुद विभिन्न जिलों का दौरा कर पंचायत चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे है. इसके तहत आरक्षण रोस्टर और परिसीमन समेत अन्य जरूरी कार्यां को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इससे पहले राज्य सरकार की ओर से 7 जनवरी 2021 को अधिसूचना जारी कर पंचायती राज संस्थाओं के लिए कार्यकारी समिति का गठन किया गया है. पंचायती राज संस्थाओं के विघटन के बाद कार्यकारी समिति का गठन अधिकतम छह महीने के अवधि के लिए किया गया है और यह अवधि जून में खत्म होगी. इससे पहले पंचायत चुनाव कराने के लिए आयोग पूरी तत्परता से काम कर रहा है. बताया जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में पदस्थापित अधिकारी और कर्मचारी इसे लेकर देर शाम तक और छुट्यिं में भी काम में जुटे हैं.
बताया गया है कि पंचायतों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग मद अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 से वित्तीय वर्ष 2019-20 तक 5560.65करोड़ रुपये विमुक्त किये गये थे, लेकिन अब राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएं विघटित हो चुकी है,क्योंकि झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्िाओं के अंतर्गत ग्राम पंचायत समिति और जिला परिषद का चुनाव वर्ष 2015 में हुआ था और इसकी पहली बैठक जनवरी 2016 में हुई थी, इनका कार्यकाल 5 वर्षों के लिए निर्धारित है, जो अब पूर्ण हो चुका है और ये तीनों संस्थाएं स्वतः विघटित हो चुकी है.
वर्तान में झारखंड के 32660 गांवों के अंतर्गत 54330 ग्राम पंचायत सदस्य, 4402 ग्राम पंचायत मुखिया, 5423 पंचायत समिति सदस्य और 545 जिला परिषद सदस्यों अर्थात 64700 पदों के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पंचायत चुनाव का इंतजार है. पंचायत चुनाव नहीं होने से 15वें वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली राशि से भी वंचित होना पड़ सकता है. हालांकि सरकार की ओर से यह जानकारी दी गयी है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग से झारखंड राज्य की त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के लिए प्राप्त राशि को जिलों को उपलब्ध करा दिया गया है.

