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ब्रिटेन में वैक्सीन लगने के बाद सामने आए 25 नए ब्लड क्लॉट के मामले,फिर विवादों में घिरी एस्ट्राजेनेका

by bnnbharat.com
April 2, 2021
in समाचार
ब्रिटेन में वैक्सीन लगने के बाद सामने आए 25 नए ब्लड क्लॉट के मामले,फिर विवादों में घिरी एस्ट्राजेनेका
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ब्रिटेन : ब्रिटेन में दुर्लभ ब्लड क्लॉट (खून के थक्के) के 25 मामले सामने आए हैं, जो संभवतः एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से जुड़े हुए हैं. ब्लट क्लॉट के मामलों के सामने आने के बाद एक बार फिर वैक्सीन की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं. इससे पहले वैक्सीन लगने के बाद सामने आए ब्लड क्लॉट के मामलों के मद्देनजर कई यूरोपियन देशों ने सावधानीपूर्वक कदम उठाते हुए वैक्सीन लगाने पर रोक लगा दी थी. इसके बाद यूरोपियन मेडिकल एजेंसी ने इस मामले की जांच की और वैक्सीन के प्रयोग को हरी झंडी दिखाई.

मेडिकल एवं हेल्थकेयर प्रोडक्ट रेगुलेटरी एजेंसी ने गुरुवार को एक बयान में कहा, ब्रिटेन में ब्लड क्लॉट के मामले सामने आने के बाद इस तरह के कुल मामलों की संख्या 30 हो गई है. रेगुलेटर का कहना है कि वैक्सीन का लाभ इसकी प्रभावकारिता पर सवाल खड़ा कर रहा है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर तैयार की गई एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के ऊपर अब जांच बढ़ रही है. यूरोप में इस वैक्सीन को लेकर संदेह जताया जा रहा है. हालांकि, ब्लड क्लॉट के मामले सामने आने के बाद भी यूरोप के कई मुल्कों में वैक्सीन का प्रयोग जारी है. महामारी के प्रकोप से बचने के लिए अब तक पूरे क्षेत्र में लाखों वैक्सीन डोज लोगों को दी गई है.

हर छह लाख लोगों में एक व्यक्ति में दिखा ब्लड क्लॉट का मामला

ब्रिटेन की एजेंसी ने कहा कि 24 मार्च तक 1.81 करोड़ लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन दी गई है. इसमें से केवल 30 लोगों में ब्लड क्लॉट के मामले देखने को मिले हैं. इससे पहले, एजेंसी ने 18 मार्च को बताया कि 1.1 करोड़ लोगों को वैक्सीन डोज देने के बाद केवल पांच लोगों में ब्लड क्लॉट का मामला सामने आया. इस नई रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगने के बाद ब्लट क्लॉट के मामले की दर छह लाख लोगों में सिर्फ एक है. वहीं, फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन लगने के बाद इस तरह के मामले सामने नहीं आए हैं. ब्रिटेन में इन दोनों वैक्सीनों के जरिए भी वैक्सीनेशन किया जा रहा है.

हर वैक्सीन का कोई न कोई दुष्प्रभाव: MHRA

MHRA ने कहा कि चल रही समीक्षा के आधार पर कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन का लाभ जोखिम से अधिक है. इसलिए जब भी आपको वैक्सीन लगाने के लिए बुलाया जाए, आपको इसे लगवाना चाहिए. एजेंसी ने कहा कि एस्ट्राजेनेका और फाइजर वैक्सीन ने कोविड-19 के खिलाफ उच्च स्तर की सुरक्षा को दिखाया है. साथ ही इसने कहा कि हर वैक्सीन के कुछ न कुछ दुष्प्रभाव होते हैं. बता दें कि ब्रिटेन में दुनिया में सबसे तेज वैक्सीनेशन अभियानों में से एक चल रहा है. मार्च के आखिर तक देश के आधे व्यस्कों को वैक्सीन लग चुकी है. कोरोना के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में भी कमी हुई है.

 

 

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