नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डिजिटल मीडिया में जहां सरकारी अनुमति के साथ 26 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दी है, वहीं भारत में कुछ विशेष डिजिटल न्यूज पोर्टल हैं जो पहले से ही इसका उल्लंघन कर रहे हैं, जैसे बेंगलुरू का एक डिजिटल पब्लिकेशन ‘द केन’ पहले से ही 26 फीसदी से ज्यादा एफडीआई हासिल कर चुका है. ‘द केन’ के पोर्टल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसे ‘एंजल निवेशकों के समूह का सहयोग प्राप्त है, जो हमें लंबे समय के लिए योजना बनाने की आजादी देता है.’
टैकक्रंच की पहले की रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप ने कैलिफोर्निया की कंपनी ओमिड्यार नेटवर्क्स की अगुआई में अपनी सीरीज-ए राउंड शुरू किया था. ओमिड्यार ने फिलीपीन्स की रैपलर जैसी न्यू मीडिया कंपनियों में निवेश किया है.
रिपोर्ट में कहा गया, “अन्य निवेशकों में युज कुटुंब, जेंडर ग्रुप के संस्थापक सिड योग की अध्यक्षता में फैमिली फाउंडेशन, और मौजूदा तथा नए एंजल निवेशक हैं.” इसके बाद ‘द केन’ ने जेपी मोर्गन से नए एंजल निवेशकों के नए समूह से 1.47 करोड़ रुपये प्राप्त किए. उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार, अगर ‘द केन’ ने पहले से ही 26 प्रतिशत एफडीआई का उल्लंघन किया है, तो यह नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट मामला बनता है.
एक कानूनी विशेषज्ञ ने बताया कि 26 प्रतिशत एफडीआई के नियम से ज्यादा एफडीआई वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स प्रभावित होते हैं.

