अवंतिका
रांची: स्थायी पौधशाला तिरिल, रांची के धुर्वा में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 2002 में की गई थी। यहां के वन क्षेत्र के पदाधिकारी प्रेम सागर इन्होंने बताया कि यह पौधशाला 3 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमे 2 एकड़ हाईटेक के लिए और 1 एकड़ स्थायी पद संगठन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुल पौधों की संख्या 1 लाख है। यहां पौधे की कीमत बहुत ही कम रखी गयी है सबसे अधिक कीमत 15 रुपये है जो कि बड़े पौधों की है। इस पौधशाला में 3 तरीको से पौधे उगाये जाते है और इस साल से पौधे उगाने की एक नई तकनीक आयी है जिसका नाम हाईकोपोट बताया जा रहा है यह एक पौधे उगाने की ऐसी विधि है जिसमे पौधे की जड़ क्वाइल न हो। यहां हर साल 25 हजार पौधे ट्यूब में और 75 हजार पौधें रुटशूट के तैयार किये जाते है । यहां पौधों की बिक्री का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का रहता है। इस साल हाईकोपॉट तकनीक के आ जाने से 1 लाख पौधे उगाये गए है।

