झारखंड में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश के बाद 31 मार्च तक राज्य में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने का काम जोरो पर चला. इसमें सरकार को सफलता भी मिली. राज्य में आयोजित विशेष अभियान का नतीजा है कि इस अभियान के जरिए अब तक 26794 दिव्यांगजनों को चिह्नित कर जांच के बाद उन्हें यूडीआईडी पोर्टल पर पंजीकृत किया गया. बता दें कि मुख्यमंत्री ने राज्य में सभी दिव्यांगजनों को पेंशन देने की बात कही है. अभियान के तहत राज्य में विशेष अभियान के दौरान अब तक दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए सबसे अधिक जांच 5140 पाकुड़ में किए गए. इसके बाद गुमला में 4563 और हजारीबाग में 3012 की जांच की गई. रांची के 5069, पाकुड़ के 5117 और हजारीबाग के 2635 दिव्यांगजन विशेष अभियान के तहत शिविरों में लाभांवित हुए हैं.
इस इसके साथ ही शिविर के माध्यम से यूडीआईडी पोर्टल पर लम्बित आवेदनों के सत्यापन की संख्या 13807 एवं विभागीय मार्ग निर्देशिका के तहत जिला स्तर पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र रखने वाले दिव्यांगजनों से ऑफलाइन माध्यम से एकत्र आवेदनों की संख्या 95278 थी.
राज्य सरकार द्वारा आयोजित आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए 18699 दिव्यांग पेंशन के आवेदन निस्तारित किए गए. सबसे अधिक 2295 पलामू, देवघर के 2192 एवं गिरिडीह के 1486 आवेदन निष्पादित. सर्वजन पेंशन योजना लागू होने के बाद स्वामी विवेकानंद निःशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 24162 दिव्यांग पेंशन स्वीकृत किया जा चुका है.

