BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

हर दिन 381 लोगों ने दी जान: NCRB

by bnnbharat.com
September 2, 2020
in समाचार
हर दिन 381 लोगों ने दी जान: NCRB
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली: भारत में, एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2019 में हर दिन औसतन 381 लोग मारे जाते हैं. इस पूरे वर्ष में कुल 1,39,123 लोगों ने अपनी जान ली. 2018 की तुलना में 2019 में आत्महत्या के मामलों में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वर्ष 2019 में जहां 1,39,123 लोगों ने आत्महत्या की है. 2018 में 1,34,516 लोगों और 2017 में 1,29,887 लोगों ने आत्महत्या की है.

केवल पांच राज्यों में आत्महत्या के 49.5 मामले सामने आए, जबकि 24 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में 50.5% मामले सामने आए. 2018 की तुलना में इस वर्ष भारत में प्रति एक लाख जनसंख्या पर आत्महत्या की दर में 0.2% की वृद्धि हुई है. शहरों में आत्महत्या की दर 13.9% थी, जो देश भर में 10.4% की आत्महत्या दर से बहुत अधिक है. 2018 की तुलना में इस वर्ष आत्महत्या की दर (1 लाख की आबादी पर) में 0.2% की वृद्धि दर्ज की गई है. शहरों में आत्महत्या की दर 13.9% थी, जो देश भर में 10.4% की आत्महत्या दर से बहुत अधिक है. इन राज्यों में आत्महत्या के कुल मामले 18,916, तमिलनाडु 13,493, पश्चिम बंगाल 12,665, मध्य प्रदेश 12,457, कर्नाटक 11,288

उत्तर प्रदेश में, देश के 5 राज्यों में कुल आत्महत्या के मामलों में 3.9% आत्महत्या के आंकड़े दर्ज किए गए. जनसंख्या के आधार पर, इस अवधि में उत्तर प्रदेश में केवल 3.9% आत्महत्या के मामले सामने आए.

NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 70.2% पुरुषों और 29.8% महिलाओं ने 100 में से आत्महत्या की. 53.6% को फांसी, 25.8% को जहर, 5.2% को डूबने और 3.8% को आत्म-हीनता से फांसी दी गई. इनमें से, 32.4% आत्महत्याओं के पीछे पारिवारिक विवाद था, जबकि 5.5% को आत्महत्या के पीछे शादी और 17.1% को बीमारी के कारण आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

सड़क दुर्घटना: खाई में गिरी कार, पुलिसकर्मी की मौत, 2 घायल

Next Post

SSR मामले में नया दावा… बहनों की बताई हुई दवा ले रहे थे सुशांत

Next Post
सुशांत आत्महत्या: मुंबई पुलिस खड़ी कर रही बाधा, केस CBI को दें- वकील

SSR मामले में नया दावा... बहनों की बताई हुई दवा ले रहे थे सुशांत

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d