संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के पहले दिन यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में करीब 3900 चालान किए. कई जगह सख्ती रही तो कहीं लापरवाही भी नजर आई. इसी के साथ दिल्ली सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी नहीं होने के कारण ट्रैफिक पुलिस के हवलदार (प्रधान सिपाही) की शक्तियां भी खत्म हो गई है. रविवार को हवलदारों ने एक भी चालान नहीं किया. ट्रैफिक पुलिस के जेडो (सब इंस्पेक्टर व असिस्टेंड सब-इंस्पेक्टर) व सर्किल इंस्पेक्टर ने ही चालान किए.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने से पहले हवलदार को 100 रुपये का चालान करने की शक्ति थी. पहले दिन जेडो व उससे सीनियर पुलिस अधिकारी ही चालान करते नजर आए. अमूमन, सर्किल इंस्पेक्टर व एसीपी चालान नहीं करते हैं. ऐसे में ये कहा जा सकता है पूरी दिल्ली में सिर्फ 600 पुलिस अफसर ही चालान कर रहे हैं. क्योंकि, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में करीब 600 जेडो हैं.
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब दिल्ली सरकार संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगी उसके बाद ही पता लगेगा कि हवलदार चालान कर सकता है या नहीं. नोटिफिकेशन से ये भी पता लगेगा कि किस रैंक का अफसर कितने रुपये का चालान कर सकता है.
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही चालान मशीन को अपडेट किया जाएगा. इसके बाद ही मौके पर कैश चालान शुरू होंगे. शनिवार रात मशीन को फिलहाल के लिए इस तरह अपडेट किया गया है कि उसमें से कैश चालान का विकल्प खत्म कर दिया गया.
क्या है वर्चुअल कोर्ट चालान?
ट्रैफिक पुलिस ने पहले दिन सभी चालान वर्चुअल कोर्ट के किए गए. दरअसल, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालक का एक कागजात चालान आदि जब्त कर लिया जाता है और पुलिस उसे कोर्ट जाने के लिए कहती है. इसके बाद चालक के मोबाइल पर एक मैसेज जाएगा, जिसमें पता चलेगा कि उसका कितने रुपये का चालान हुआ है और उसे किस दिन कोर्ट में जाना है.
चालान करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी नजर
भ्रष्टाचार को रोकने के लिए संशोधित व्हीकल एक्ट के तहत चालान करने वाले पुलिस अफसरों पर विशेष नजर रखी जा रही है. पीआरजी व विजिलेंस विभाग की टीम नियमित चेकिंग करेगी. ऐसा इसलिए कि जुर्माना राशि बढ़ गई है. कहीं ऐसा न हो कि पुलिसकर्मी पैसा लेकर नियम तोड़ने वाले को छोड़ दे. चेकिंग में पकड़े गए पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई तय है.

