गुमला: आईटीडीए भवन के सभागार में उपायुक्त गुमला शशि रंजन की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण सह चाईल्ड लाईन सलाहकार बोर्ड की बैठक आज सम्पन्न हुई.
बैठक में चाईल्ड लाईन तथा बाल संरक्षण इकाई की विगत बैठक के कार्यवाही प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा भावी कार्यक्रम की रूप रेखा तय की गई.
बैठक में बताया गया कि जनवरी माह तक बाल कल्याण समिति गुमला में बाल उत्पीड़न से संबंधित 113 मामलें दर्ज हुए थे. इसके साथ ही फरवरी माह में 10 नये मामलें भी दर्ज किए गए है. कुल 123 मामलों में 14 मामलों का निष्पादन किया गया है तथा 109 मामलें लंबित हैं.
इसी तरह किशोर न्याय बोर्ड जनवरी माह तक बाल कल्याण समिति गुमला में बाल उत्पीड़न से संबंधित 95 मामलें दर्ज हुए थे. इसके साथ ही फरवरी माह में 10 नये मामलें भी दर्ज किए गए है. कुल 105 मामलों में 04 मामलों का निष्पादन किया गया है तथा 101 मामलें लंबित हैं.
बैठक में बताया गया कि गुमला जिले में बाल देख रेख संस्थान के रूप में 04 केन्द्रों का संचालन हो रहा है. वर्तमान में ऑब्जर्वेशन होम गुमला में 49, विकास भारती बालिका के होम में 25, लुथेरन बालक होम में 18 तथा मिशनरीज ऑफ चैरिटी में 12 बालक/बालिका संस्थानों की देखरेख में रखा गया है. इसके साथ ही एराउज गुमला, सृजन फाउंडेशन तथा विकास भारती के द्वारा चाईल्ड लाईन का संचालन किया जा रहा है.
बैठक में बताया गया कि गुमला जिले में 952 राजस्व गांवों में ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण इकाई तथा 12 प्रखण्डों में प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण इकाई का गठन किया गया है.
उपायुक्त ने गुमला जिले में बाल श्रम उन्मूलन के तहत् विमुक्त बाल श्रमिक, ड्राॅपआउट बालक/बालिका तथा मानव तस्करी से छुड़ाएं गए बालक/बालिकाओं के पुनर्वास एवं पठन-पाठन की व्यवस्था के लिए बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण इकाई, चाईल्ड लाईन तथा किशोन न्याय बोर्ड को समेकित रूप से जिला समाज कल्याण विभाग के साथ आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया.
बैठक में उपायुक्त शशि रंजन, सिविल सर्जन डाॅ0 विजया भेंगरा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक प्राण रंजन, सहायक समाहत्र्ता सह सहायक दण्डाधिकारी मनीष कुमार, एलपीओ वेद प्रकाश तिवारी, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड अलख नारायण सिंह, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी देवेन्द्रनाथ भादुड़ी, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, अधीक्षक प्रेक्षण गृह अविनाश कुमार गिरि, परीविक्षा पदाधिकारी कन्हैया सोनी सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित थे.

