गीतेश अग्निहोत्री,
कानपुर: पंचायत सचिवों से अवैध वसूली समेत अन्य आरोपों में कानपुर देहात के डीपीआरओ, प्रभारी एडीओ पंचायत, वरिष्ठ सहायक व एक सफाई कर्मी को शासन ने बुधवार को निलंबित कर दिया.
सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी. जांच सीडीओ जोगिंदर सिंह ने पूर्व में कराकर डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी. डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी. जिस पर यह कार्रवाई हुई है.
आरोप है कि डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ग्राम पंचायतों का निरीक्षण, अभिलेखों की जांच के नाम पर ट्रांसफर, तैनाती, राज्य वित्त/14वें वित्त की कार्य योजना स्वीकृत करने के नाम पर अवैध वसूली करते हैं.
इसमें उनका सरवनखेड़ा ब्लाक के प्रभारी एडीओ पंचायत/वीडीओ जितेंद्र सिंह, कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राम सजीवन मौर्य व संबद्ध सफाई कर्मी यादवेंद्र सिंह सहयोग करते हैं.
धनराशि न देने पर कर्मियों के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाती है. कई बार रिपोर्ट दर्ज कराने और निलंबन की धमकी देकर प्रताड़ित भी किया जाता है.
सीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा समेत तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच सौंपी थी. डीपीआरओ और उनके अधीनस्थों द्वारा अवैध उगाही की पुष्टि होने की जांच रिपोर्ट मिलने पर सीडीओ ने कार्रवाई की संस्तुति डीएम से की थी.
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने डीपीआरओ समेत अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पत्र दो मार्च को शासन में भेजा था. इस पर बुधवार को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से डीपीआरओ शिवशंकर सिंह, प्रभारी एडीओ जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ सहायक राम सजीवन मौर्य व सफाई कर्मी यदुवेंद्र सिंह का निलंबन पत्र जारी किया गया है.

