रांची: कोरोना संकट के बीच तमिलनाडु से लौटे पांच प्रवासी कामगारों को चार दिनों तक गांव वापस लौटने के बाद एक पेड़ के नीचे व्यतीत करना पड़ा. बाद में विधायक बंधु तिर्की की पहल पर क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार रांची के इटकी थाना के मकुंदा गांव पहुंचे पांचों प्रवासी श्रमिकों को कोरोना के खौफ के कारण ग्रामीणों ने गांव में घुसने नहीं दिया. बताया गया है कि तमिलनाडु से प्रकाश कुजूर, रवि कुजूर, बिमल कुजूर पहुंचे और संदीप कुजूर, अजय कुजूर मुंबई से गत 15 मई को ट्रेन से हटिया स्टेशन पहुंचे.
प्रशासन द्वारा जांच करने के बाद मजदूरों को बस द्वारा घर भेजा गया, परंतु बस कर्मियों ने मजदूरों को रात करीब 11 बजे पलमा गांव के निकट हाईवे पर उतार दिया. जिसके बाद सभी मजदूर करीब पांच किमी पैदल चलकर गांव पहुंचे.
मजदूरों ने रात में ही पंचायत की मुखिया रीना शांडिल्य को गांव पहुंचने की सूचना दी, अधिक रात हो जाने के कारण मजदूरों ने गांव के बाहर एक पेड़ के नीचे रात गुजारी. दूसरे दिन मजदूरों के आने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मजदूरों को गांव में रखे जाने का विरोध किया.
चार दिनों से एक पेड़ के नीचे मजदूरों के रहने की सूचना पर विधायक बंधु तिर्की को मिली , विधायक ने प्रखंड प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई किये जाने का निर्देश दिया. बीडीओ पंकज कुमार ने जानकारी दी कि सभी मजदूरों को मकुंदा स्थित क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है. इनके खाने सहित अन्य मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी मुखिया को दिया गया है.

