रांची: देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है. महामारी और इसके प्रभाव ने असंख्य लोगों पर असर डाला है. सीएस घोष ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ और एफआईटी व एनईएफआईटी के सहयोग से अभावग्रस्त समुदायों की भोजन जरूरत पूरी करने के लिए आगे आये हैं. इसके लिए तीनों द्वारा विभिन्न राज्य सरकारों को 25 करोड़ रुपये की राशि दान में दी गयी है. अन्य 25,01,00,001 रुपये की राशि पीएम-केयर्स फंड में दान दी गयी है. 1,000 रुपये में एक परिवार के 15 दिनों की खाने-पीने की जरूरत पूरी होने के अनुमान के साथ उम्मीद है कि दानस्वरूप दी गयी 50,01,00,000 रुपये की राशि से देश के 5 लाख से अधिक परिवारों की भोजन आवश्यकताएं पूरी हो सकेंगी.
जानकारी हो कि सीएस घोष ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के रूप में बंधन की शुरुआत की. इसका उद्देश्य माइक्रो क्रेडिट के जरिए अभावग्रस्त महिलाओं को आयोपार्जक गतिविधियां शुरू करने में सहायता प्रदान कर महिलाओं को सशक्त् बनाना और गरीबी उन्मूलन है.
समय के साथ इस एनजीओ का परिचालन कई गुना बढ़ा. अभावग्रस्त समुदायों के लिए विकास कार्यक्रम चलाने के लिए, बंधन के अलावा दो ट्रस्ट्स- फाइनेंशियल इनक्लूजन ट्रस्ट (एफआईटी) और नॉर्थ ईस्टन फाइनेंशियल इनक्लूजन ट्रस्ट (एनईएफआईटी) बनाये गये. वर्ष 2015 में जब बंधन बैंक बना, तब एफआईटी और एनईएफआईटी बैंक के प्रवर्तक बने.

