नई दिल्ली: कड़ाके की ठंड में भी किसानों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है. बातचीत में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा है कि ठंड की परवाह नहीं है. कानून वापसी तक आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा.
फूड चेन टूटने के सवाल पर टिकैत का कहना है कि हमने कोई चेन नहीं तोड़ी, तमाम रास्ते खुले हैं. फूड चेन की चिंता है तो सरकार किसानों की मांग पर ध्यान दें.
किसान मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाल सिंह ने कहा, “पीएम को किसानों से बात करनी चाहिए और खेत कानूनों को वापस लेना चाहिए. हम इन कानूनों के खिलाफ अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेंगे.”
वहीं भाजपा ने सूचना अभियान के माध्यम से तीन कृषि कानूनों का बचाव करने और किसानों का समर्थन जुटाने का फैसला किया है. विपक्षी दलों और कुछ संगठनों द्वारा खेत कानूनों पर फैलाए जा रही खबर का मुकाबला करने के लिए भगवा पार्टी एक समन्वित अभियान भी चलाएगी.
संभल जिला प्रशासन ने छह किसान नेताओं को नोटिस जारी किया और उनसे प्रत्येक 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बांड जमा करने को कहा. छह किसानों ने केंद्र के तीन विवादास्पद फार्म विधानों को लेकर जिले में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है.

