रांचीः झारखंड में 41 विधायक करोड़पति हैं. यह लगभग विधायकों की कुल संख्या का 52 फीसदी है. इसमें भाजपा के 21 विधायक शामिल हैं. झामुमो के नौ, कांग्रेस के पांच और झाविमो के तीन विधायक करोड़पति क्लब में शामिल हैं. इनकी संपत्ति का औसत 1.84 करोड़ रुपए है.
62 फीसदी विधायकों के खिलाफ क्रिमिनल केस
एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की रिपोर्ट में झारखंड विधानसभा के 62 फीसदी विधायकों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं. 81 में से 79 वर्तमान विधायकों के शपथ पत्र की जांच की गई. इसमें दो विधायकों के कागजात पूरे नहीं पाए गए हैं. 49 विधायकों ने अपने शपथपत्र में अपने खिलाफ आपराधिक मामलों का ब्योरा दिया है. जबकि 38 विधायक यानी 48 फीसदी विधायकों ने अपने खिलाफ सीरियस क्रिमिनल केस दर्ज होने की बात कही है.
तीन विधायकों के खिलाफ हत्या के मामले
तीन विधायकों ने अपने खिलाफ हत्या, जबकि 10 विधायकों ने हत्या के प्रयास के मामलों का ब्योरा दिया है. भाजपा के 36 विधायकों में से 21, झारखंड मुक्ति मोर्चा के 18 विधायकों में से 11, कांग्रेस के आठ में से 5 विधायकों और झाविमो के 8 में से 5 विधायकों ने अपने शपथ पत्र में आपराधिक मामलों का ब्योरा दिया है. गंभीर आपराधिक मामलों में भाजपा के 36 में से 15 विधायकों, झामुमो के 18 में से 10 विधायकों, कांग्रेस के 8 में से 2 विधायकों और झाविमो के 8 में से 5 विधायकों के नाम शामिल हैं.
जेल से ही ठोंक रहे ताल दो पूर्व मंत्री
दो पूर्व मंत्री जेल से ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. एक हत्या के आरोप में जेल में हैं, तो दूसरे घोटाले में. इसमें एक पूर्व उत्पाद मंत्री गोपाल कृष्ण पातर ऊर्फ राजा पीटर हैं. वे पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा के हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं.
एनआईए कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल करने की मंजूरी दे दी है. वे तमाड़ से चुनाव लड़ेंगे. राजा पीटर पिछले दो साल से अधिक समय से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद है. उन्होंने 2009 के विधानसभा उपचुनाव में झामुमो अध्यक्ष सह तत्कालीन मुख्य मंत्री शिबू सोरेन को तमाड़ सीट से हराया था. एक अन्य पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की हैं. 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के मामले में वो जेल में हैं. आय से अधिक संपत्ति का मामला भी उनपर चल रहा है.

