रांची: अवैध उत्खनन के कारण झारखंड के कई पहाड़ों का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक विगत वित्तीय वर्ष में अवैध उत्खनन के 584 मामले सामने आये, जिससे दंड स्वरूप 430.5 लाख रुपये की वसूली की गयी.
खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के खनिजों के अवैध खनन की रोकथाम के लिए प्रत्येक जिले में जिला खनन पदाधिकारी, सहायक खनन पदाधिकारी एवं जिला टास्क फोर्स द्वारा नियमित रूप से संज्ञान में आये मामलों पर जांच, निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है तथा दंड वसूलने के साथ ही प्राथमिकी दर्ज की जाती है.
पत्थर के अवैध उत्खनन के मामले में उच्च न्यायालय में वाद संख्या 1806/15 दाखिल है, जिसमें समय-समय पर विभाग द्वारा कृत कार्रवाई से न्यायलयों को अद्यतन स्थिति में अवगत कराया जाता है.
अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के सुनियंत्रित करने के लिए द झारखंड मिनरल्स प्रिवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज रूल्स 2017 का गठन किया गया है, जिसके तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2350 मामलों में कारवई की गयी और 584 मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी. वहीं दंड स्वरूप 430.5 लाख रुपये वसूल की गयी है.

