रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि कोरोना संकट को लेकर देशव्यापी लाॅकडाउन के बीच झारखंड में मनरेगा समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करीब साढ़े छह लाख श्रमिकों को गांव-पंचायत में रोजगार मिल रहा है.
सरकार ने प्रतिदिन दस लाख मानव दिवस सृजन को लेकर विस्तृत योजना तैयार की है. मुख्यमंत्री शुक्रवार को देर शाम रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त, विकास आयुक्त और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
हेमंत सोरेन ने कहा कि आज देश में मनरेगा का सही प्रबंधन मील का पत्थर साबित हो सकता है. सरकार ने हर गांव में मनरेगा के तहत योजना शुरू करने की योजना बनायी है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया.
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजनाओं में कुछ स्थानों पर बिचैलियों की भूमिका की सूचना मिली है, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि झारखंड में देश भर के विभिन्न हिस्सों से करीब छह लाख प्रवासी श्रमिक विभिन्न माध्यमों से घर वापस लौटे है, उनसभी को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाॅकडाउन के दौरान राज्य सरकार ने दीदी किचन के संचालन को 31 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके बाद बारिश का मौसम आ रहा है, यह चुनौती का महीना होगा, सरकार ने इससे भी निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है.

