BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

झारखंड से प्रत्येक वर्ष सिर्फ इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए हो रहा 6 हजार छात्रों का पलायन, सरकार को 700 करोड़ का नुकसान

by bnnbharat.com
August 1, 2019
in समाचार
झारखंड से प्रत्येक वर्ष सिर्फ इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए हो रहा 6 हजार छात्रों का पलायन, सरकार को 700 करोड़ का नुकसान

6000 students fleeing from Jharkhand for engineering studies every year, government loses Rs 700 crore

Share on FacebookShare on Twitter

ब्यूरो चीफ

झारखंड में बेहतर इंजीनियरिंग कॉलेजों के नहीं होने से यहां की प्रतिभाएं कर्नाटक, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रही हैं. सात हजार से अधिक छात्र प्रत्येक वर्ष इन राज्यों में सिर्फ इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रमों में दाखिला ले रहे हैं. सबसे अधिक यानी दो से ढ़ाई हजार बच्चे कर्नाटक के 180 कॉलेजों में दाखिला लेते हैं. एक हजार से अधिक बच्चे ओड़िशा, 700 से 800 के आसपास पश्चिम बंगाल, 500 से अधिक पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र और यूपी में बच्चे एडमिशन ले रहे हैं. प्रतिभा का पलायन यहां बेहतर इंजीनियरिंग कॉलेज और आधारभूत संरचना का नहीं होना है.

Also Read This:- करुणारत्ने खुश है श्रीलंका की बेंच स्ट्रेंथ से 

बता दें कि झारखंड में बीआइटी सिंदरी को छोड़ अन्य कॉलेजों की रैंकिंग बेहतर नहीं होने से बच्चे झारखंड में नहीं पढ़ना चाहते हैं. झारखंड में 4 सरकारी और 14 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जहां 7400 से अधिक सीटें हैं. इनमें बीआइटी सिंदरी को छोड़ अन्य कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं. कहने को राजकीय अभियंत्रण कॉलेज दुमका, चाईबासा और रामगढ़ में सरकारी कॉलेज हैं, जो पीपीपी मोड पर चल रही हैं. पर यहां पर पेड सीट भी जैसे-तैसे भरे जाते हैं.

700 करोड़ का हो रहा नुकसान :

झारखंड से प्रतिभाओं के पलायन की वजह से सरकार को 700 करोड़ का नुकसान हो रहा है. सरकार को प्रत्येक वर्ष 280 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है. अमूमन दूसरे राज्यों के कॉलेजों में 3.50 लाख रुपये से लेकर 4 लाख रुपये का एडमिशन खर्च अभिभावकों पर पड़ रहा है. कर्नाटक में आरवीएस, बीएनएम, ओड़िशा में किट, सिलिकोन, आइटीइआर, सीवी रमन, कोलकाता में जाधवपुर, टेक्नो इंडिया, वेस्ट बंगाल कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और अन्य प्रमुख हैं, जिसकी स्टूडेंट्स में काफी चर्चा रहती है. इसके अलावा वीआइटी वेल्लोर, एसआरएम, शारदा यूनिवर्सिटी, एमआइटी पुने, मनिपाल यूनिवर्सिटी जैसे बड़े संस्थानों की ओर भी छात्र रूख कर रहे हैं. इनका सलाना शुल्क 5 से 7 लाख रुपये है. इस तरह 4 वर्ष के कोर्स के लिए झारखंड के एक अभिभावकों पर 12 लाख रुपये से लेकर 28 लाख रुपये तक का बोझ पड़ रहा है.

डेढ़ लाख बच्चे देते हैं इंटरमीडिएट साइंस की परीक्षा :

राज्य भर में प्रत्येक वर्ष डेढ़ लाख बच्चे इंटरमीडिएट साइंस की परीक्षा देते हैं. इनमें एक लाख बच्चे झारखंड अधिविद्य परिषद से परीक्षा में शामिल होते हैं. जबिक शेष बच्चे सीबीएसइ, आइसीएसइ बोर्ड से 12वीं बोर्ड की परीक्षा देते हैं. राजधानी रांची समेत बोकारो, जमशेदपुर, देवघर, धनबाद जैसे शहरों में बेहतर एजुकेशन को लेकर अभिभावक अधिक परेशान रहते हैं.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

पूरी दुनिया में झारखंड का बढ़ा है face off : अमर बाउरी

Next Post

चुनाव से पहले केजरीवाल का मास्टरस्ट्रोक,पहले हाफ अब बिजली बिल पूरा माफ

Next Post
चुनाव से पहले केजरीवाल का मास्टरस्ट्रोक,पहले हाफ अब बिजली बिल पूरा माफ

चुनाव से पहले केजरीवाल का मास्टरस्ट्रोक,पहले हाफ अब बिजली बिल पूरा माफ

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d