रांची: राज्य सरकार ने राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों को स्थायी करने का फैसला लिया है. इसकी घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक के बाद की गई है.
कमेटी की बैठक में इस पर सहमति मिलने के बाद उन्होंने इसकी पुष्टि की है. इस घोषणा के बाद राज्य के पारा शिक्षकों में दिन बहुरेंगे. सरकार की नयी व्यवस्था के बाद अब राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों को सालाना 1716 करोड़ रुपये मिलेंगे.
वहीं, राज्य सरकार को इनके वेतन पर हर माह 143 करोड़ रुपये खर्च होंगे. अगर पारा शिक्षकों को औसतन 22 हजार रुपये मिलते हैं तब सरकार को इनके वेतन मद में सालाना 1716 करोड़ और हर माह 143 करोड़ खर्च वहन करना होगा. एक तरफ तो सरकार कह रही है कि राज्य का खजाना खाली है. अब सरकार के पास चुनौती यह है कि पारा शिक्षकों के वेतन में खर्च होने वाली इतनी बड़ी राशि कहां से लायेगी.
पूर्व में पारा शिक्षकों को औसतन 14 हजार रुपये मानदेय के तौर पर दिया जाता था. उस वक्त इन पारा शिक्षकों के मानदेय पर सरकार को हर माह 91 करोड़ रुपये खर्च होते थे. वहीं, अगर सालाना आकलन करें तो सरकार का इनके मानदेय पर 1092 करोड़ रुपये खर्च होते थे. पारा शिक्षकों की स्थायीकरण के बाद सरकार को 624 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. अब पारा शिक्षकों के वेतनमद में खर्च होने वाले अतिरिक्त बोझ को सरकार किस तरह से पाटेगी. सरकार अब इस पर मंथन कर रही है.
शिक्षकों की सेवाशर्त नियमावली में जो प्रावधान है उसको लेकर सरकार के महाधिवक्ता से राय ली जायेगी. हालांकि, इस पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है. इस पर अंतिम निर्णय महाधिवक्ता की राय के बाद ही लिया जायेगा.
सेवाशर्त नियमावली पर भी हो रहा है विचार
राज्य सरकार पारा शिक्षकों की सेवाशर्त नियमावली पर भी विचार कर रही है. हालांकि, मंगलवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने इस पर चर्चा की है पर पारा शिक्षकों के स्थायीकरण व वेतनमान के लिए सीमित परीक्षा के स्वरूप पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है. जानकारी के अनुसार राज्य के लगभग 13 हजार पारा शिक्षक जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता पायी है उनके स्थायीकरण व वेतनमान के लिए परीक्षा नहीं देनी होगी. सरकार ने इन पारा शिक्षकों को 5200 से 20200 का वेतनमान निर्धारित किया है.
60 साल तक सेवा दे सकेंगे पारा शिक्षक
पारा शिक्षक की सेवा संतोषप्रद रहने पर वे अधिकतम 60 साल तक अपनी सेवा दे सकेंगे. वहीं, महिला शिक्षकों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश भी मिलेगा. इसके अलावा पारा शिक्षक वर्ष में अधिकतम 16 दिनों के आकस्मिक अवकाश के हकदार होंगे.

