नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था को मौजूदा हालात से उबारने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज के पहले चरण का ऐलान कर दिया. आज के लिए ऐलान में वित्त मंत्री ने कुटिर एवं छोटे उद्योग से लेकर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को राहत देने का ऐलान किया.
निर्मला सीतारमण ने बताया कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों (MFIs) के लिए 45 हजार करोड़ रुपये के लिक्विडिटी इनफ्युजन (Liquidity Infusion) का ऐलान किया है. एक लंबे समय से इस सेक्टर में लिक्विडिटी की कमी देखने को मिल रही है.
इस सेक्टर को 45 हजार करोड़ रुपये की यह लिक्विडिटी आंशिक सरकारी गारंटी (Partial Guarantee) के साथ होगा. इसमें कॉमर्शियल पेपर्स (Commercial Papers) भी शामिल है. सरकार ने कहा कि 20 फीसदी तक के नुकसान का वजन वो खुद करेगी. इस सेक्टर के लिए AA रेटेड पेपर्स और अनरेटेड पेपर्स भी योग्य होगा.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि NBFC सेक्टर में रिसोर्सेज का आभाव देखने को मिल रही है. इसके लिए सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपये के स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम का ऐलान किया है. इसके तहत केंद्र सरकार NBFCs, HFCs और MFIs के लिए इन्वेस्टमेंट ग्रेड पेपर्स खरीदेगी. इस सिक्योरिटी पर पूरी गारंटी केंद्र सरकार की होगी.
बता दें कि 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के पहले चरण का आज सरकार ने ऐलान कर दिया है. इसमें वित्ती मंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मौजूदा स्थिति से उबारने के लिए 14 उपायों की जानकारी दीं. इसमें से 6 उपाय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), 2 उपाय EPF, 2 NBFC और फाइक्रो फाइनेंस संस्थानों (MFI’s), 1 रियल एस्टेट, 1 उपाय डिस्कॉम्स, 1 कॉन्ट्रैक्टर्स और 3 टैक्स के मोर्चे पर होगा.

