रांची: भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी कहा है कि मई-जून माह में झारखंड के 8 शहरी निकायों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. वैश्विक महामारी कोरोना संकट के कारण इन स्थानों पर आयोग द्वारा इस संकट के सामान्य होने तक चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दी गई है.
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शनिवार को लिखे पत्र में बताया कि आज के समय में निकायों की महत्ता अधिक हो गई है. जानकारी मिल रही है कि कार्यकाल समाप्त हो रहे इन 8 स्थानीय निकायों की कमान प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले की जा सकती है. ऐसा करना कतई मुनासिब नहीं होगा.
वैसे भी प्रशासनिक अधिकारियों पर काम का बहुत बोझ है. उन पर और दबाव डालना उचित नहीं होगा. ऐसा करने से कोरोना राहत अभियान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है. पार्षदों की जमीनी समझ अधिकारियों से कहीं अच्छी होती है.
इस संक्रमण के समय ये त्वरित गति से परिणाम देने की गारंटी रखते हैं. अधिकारी केवल रूटिन काम ही करेंगे. साथ ही यह बात भी प्रमाणित है कि आम आदमी के बीच जितना सुलभ जनप्रतिनिधि होते हैं, उतना अधिकारी नहीं होते.
यह भी समझना होगा कि जितने भी सेवाकर्मी-सफाईकर्मी हैं, वे स्थानीय होते हैं. इसमें सभी नगर निगम के स्थायी कर्मचारी नहीं हैं. उन्हांंने जनप्रतिनिधियों से इनका सरोकार अच्छा रहता है. जनप्रतिनिधि और इनके बीच परस्पर समन्वय के कारण बेहतर काम होने से इंकार नहीं किया जा सकता है.
वहीं आम आदमी के लिए भी अधिकारियों तक पहुंचने से कहीं अधिक सुलभ और सहज जनप्रतिनिधियों तक पहुंचना होता है. कोरोना संकट की भयावहता को देखते हुए इन सभी 8 स्थानीय निकाय का कार्यकाल कम-से-कम तीन माह के लिए बढ़ा देनी चाहिए. मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों ने अवधि विस्तार किया है.

