उत्तर प्रदेश: हजरतगंज के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित सिकंदरनगर इलाके में 8 साल की मासूम बच्ची की रहस्यमय हालत में गला दबाकर हत्या कर दी गई. बच्ची का शव उसके घर में तख्त के नीचे मिला. बच्ची के पैरेंट्स काम पर गये थे जबकि बड़ा भाई कहीं गया था. चंद कदमों की दूरी पर रहने वाली बुआ घर पहुंची और उसे बेहोश देख परिजनों को सूचना दी. परिजन उसे सिविल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम में बच्ची की गला दबाकर हत्या की बात पता चलने पर परिजनों ने अशोक मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया. पुलिस द्वारा कार्रवाई के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म हुआ.
मूलरूप से बिहार निवासी राम खेत यादव परिवार के साथ किराए के मकान में रहता है. उसके परिवार में बेटा आयुष, बेटी अलका (8), पिंकी और पीयूष हैं. राम खेत रिक्शा चलाता है जबकि पत्नी हीरा लोगों के घरों में काम करती है. आयुष एक दुकान में काम करता है. मंगलवार को तीनों अपने.अपने काम पर गए थे और घर पर अलका, पिंकी और पीयूष अकेले थे.
बुआ ने दी सूचना
राम खेत की बहन सुनीता उसके घर से कुछ दूरी पर रहती है. एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के अनुसार मंगलवार दोपहर सुनीता अपने भाई के घर पहुंची तो अलका को तख्त के नीचे बेहोशी की हालत में पड़ा देखा. सुनीता ने इसकी जानकारी राम खेत को दी. मौके पर पहुंचे परिजन अलका को लेकर सिविल हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे को मृत घोषित कर दिया. शव के पोस्टमार्टम से पहले कोरोना टेस्ट हुआ, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अलका की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई.
हत्या के विरोध में लगाया जाम
परिजनों को जब मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने अशोक मार्ग स्थित निशातगंज गोमती पुल पर शव रखकर जाम लगा दिया. जाम की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई. सूचना पर एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र, इंस्पेक्टर संतोष सिंह समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई. कई घंटे की मशक्कत के बाद आक्रोशित परिजन शांत हुए और प्रदर्शन खत्म कराया. एसीपी हजरतगंज के अनुसार मामले में चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं बुआ सुनीता पर पुलिस द्वारा सख्ती करने पर परिजनों ने नाराजगी जताई.

