दिल्ली: ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कोरोना से बेहाल हुई रेल सेवा अब धीरे-धीरे पटरी पर लाने की कोशिश जारी है. इस बीच कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रेलवे ने अब सबी ट्रेनों को वापस पटरी पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है. अब रेलवे की कोशिश है कि लोगों को यात्रा करने में किसी तरह की असुविधा ना हो.
एक बार फिर से कोरोना संक्रमण भले ही तेजी से फैल रहा हो, लेकिन अब रेल के पहिए रूकने वाले नहीं हैं. धीरे-धीरे ही सही रेलवे ने अब हर तरह से कोविड प्रोटोकॉल के साथ सभी ट्रेनों को चलाने की तैयारी पूरी कर ली है. सोमवार को जहां उत्तर रेलवे की 70 से अधिक लोकल ट्रेन चल पड़ी तो वहीं अब शताब्दी सरीखी ट्रेन भी चलने को तैयार है.
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि भारतीय रेल द्वारा चार शताब्दी स्पेशल और एक दुरंतो स्पेशल ट्रेन शुरू की जा रही है.
रेलवे सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन विभाग ज्यादातर ट्रेनों को चलाने की तैयार कर चुका है और इसके लिए समय-सारणी भी तैयार की जा चुकी है. जानकारी के मुताबिक कोविड प्रोटोकॉल के बीच 10 अप्रैल से 90 प्रतिशत ट्रेन चलने लगेंगी, जिससे इन ट्रेनों के चलने से यात्रियों को काफी सहुलियत मिलेगी और वहीं भीड़ से भी यात्री बच सकेंगे.
रेलवे अधिकारिक सूत्रों के अनुसार 10 अप्रैल से अमृतसर शताब्दी, चंडीगढ़ शताब्दी, जयपुर शताब्दी समेत अन्य रूट की शताब्दी व राजधानी ट्रेन चलने लगेंगी. कोविड की वजह से सभी ट्रेन स्पेशल बन कर चलेंगी, जिससे लिहाजा यात्रा किराया भी अधिक होगा.
हालांकि जिस तरह से कोविड संक्रमण का मामला बढ़ रहा है इसे देखते हुए यह भी संभावना जताई जा रही है कि ट्रेन में यात्रियों को बिना कोविड जांच के प्रवेश नहीं दिया जाएगा. बता दें कि हरिद्वार स्टेशन पर इस तरह का नियम सोमवार से लागू भी कर दिया गया है.

