दिल्ली: कोरोना वायरस से जंग में अब तक देश के कम से कम 93 डॉक्टर अपनी जान गंवा चुके हैं. डॉक्टरों के संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा है कि कोरोना की वजह से मौत का शिकार बनने वाले ये डॉक्टर ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित हुए या फिर दूसरी वजहों से कोरोना की चपेट में आए.
IMA चीफ डॉ राजन शर्मा ने इंडिया टुडे को कहा है कि अब तक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 93 डॉक्टरों की जान जा चुकी है, जबकि 1279 डॉक्टर संक्रमित हुए हैं.
संक्रमित डॉक्टरों में 771 की उम्र 35 साल से कम है, जबकि 247 डॉक्टर ऐसे हैं जिनकी उम्र 35 वर्ष से ज्यादा है. 261 ऐसे डॉक्टर हैं जो कोरोना से संक्रमित हैं और उनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है.
बता दें कि संक्रमण के इन आंकड़ों में नर्स और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा शामिल नहीं है. डॉ राजन शर्मा ने कहा कि डॉक्टरों की मौत को लेकर उनका संगठन एक शोध पत्र तैयार कर रहा है. जिसमें डॉक्टरों की मौत के कारण और परिस्थितियों का अध्ययन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कितने डॉक्टर की मौत जनरल प्रैक्टिस के दौरान हुई, कितने डॉक्टर रेजिडेंट कैटेगरी के थे, इन सभी आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है.
IMA के कोच्चि ब्रांच के अध्यक्ष डॉ राजीव जयदेवन भी कोरोना वायरस की वजह से डॉक्टरों की मौत और उसके कारणों पर आंकड़े जमा कर रहे हैं. डॉ जयदेवन का दावा है कि अप्रैल 8 से जुलाई 9 तक कोरोना वायरस की वजह से 108 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है.

