शाहजहांपुर: पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी जांच में कई तथ्य धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को जांच के दौरान पता चला है कि दिल्ली में चिन्मयानंद से ब्लैकमेल कर पांच करोड़ रुपये मांगने की साजिश रची गई थी.
वहीं छात्रा की ओर से एसआईटी को 64 जीबी के मैमोरी कार्ड में जो 34 वीडियो दिए गए थे, उनमें चिन्मयानंद के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं. उन्हें तेल मालिश कराते वायरल हुए वीडियो के आधार पर आरोपी बनाया गया है.
चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा और उसका दोस्त संजय सिंह 11 अगस्त को दिल्ली में मौजूद थे. संजय के चचेरे भाई विक्रम और गाजियाबाद निवासी सचिन सेंगर की लोकेशन भी दिल्ली में मिली थी.
दिल्ली में बैठकर ही चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने की साजिश रची गई. रक्षाबंधन से एक दिन पहले 15 अगस्त को छात्रा दिल्ली से लौटी थी, जबकि परिवारवालों ने कॉलेज के हॉस्टल में रहने की बात बताई थी. जन्माष्टमी के दिन छात्रा और उसके दोस्तों की लोकेशन दिल्ली में मिली थी.
लोकेशन के आधार पर एसआईटी ने छात्रा और उसके दोस्तों से कई चरण में पूछताछ की थी. इसके बाद छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को जेल भेजा गया था. जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि छात्रा ने फेसबुक पर जो वीडियो 24 अगस्त को वायरल किया था, उसे 11 अगस्त को गाड़ी के अंदर दिल्ली में इंडिया गेट पर बनाया गया था.
सूत्रों के मुताबिक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा ने साक्ष्य के तौर पर एसआईटी को 64 जीबी के मैमोरी कार्ड में जो वीडियो सौंपे थे, उसमें ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं और यही वजह है कि छात्रा के बार-बार दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद भी मामले में दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई गई है.
छात्रा से मालिश कराते वायरल हुए वीडियो के आधार पर एसआईटी ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था. तब से वह जेल में है. वहीं फिरौती के मामलों में छात्रा समेत चारों आरोपी जमानत के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं.

