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हूल दिवस के अवसर पर भारतीय किसान सभा झारखंड राज्य परिषद की ओर से किसान कन्वेंशन आयोजन

by bnnbharat.com
June 30, 2019
in समाचार
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रांची 30जून: हूल दिवस के अवसर पर भारतीय किसान सभा झारखंड राज्य परिषद की ओर से किसान कन्वेंशन आयोजित किया गया । अध्यक्षता किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने किया कन्वेंशन में भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने सिद्धू कानू के साथ तिलकामांझी और बिरसा मुंडा के किसान आंदोलन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा किसी दुकानों काल भैरव का जल जंगल जमीन का आंदोलन और उनकी शहादत झारखंड वासियों का प्रेरणा स्रोत है कन्वेंशन फुल क्रांति आंदोलन में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया, किसानों ने 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की ।

किसान के लिए आधार पत्र रखते हुए किसान सभा झारखंड राज्य के महासचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि हमारे पुरखों सिद्धू कानू चांद भैरव तिलका मांझी बिरसा मुंडा ने अपने कालखंड में जब देश गुलाम था अंग्रेजी हुकूमत थी तब उन्होंने अपनी जमीन जंगल पहाड़ बचाने के लिए जनता को चेतन सील किया और सहादत तक अंजाम दिया उसी का परिणाम हुआ की आजादी के समय भी झारखंड के जंगल जमीन खान खनिज महफूज रहा लेकिन हमारे नेता जंगल जमीन की बात करते रहे और जमीन और जंगल झारखंड वासियों से छीना गया झारखंड राज्य बनने के बाद भी जंगल जमीन की बात होती रही लेकिन वास्तव में राज्य सत्ता की लड़ाई होती है इसलिए जमीन भी छीना जंगल में सीना और किसानों के उत्पाद का वाजिब दाम भी नहीं मिला किसान दूसरे दर्जे के नागरिक बनकर रह गए, आज तो सरकार पुँजीपतीयो के लिए खुद जमीन छीन रही है ।

उसके लिए कोई कानूनों सीएनटी एक्ट एसपीटी एक्ट में संशोधन किया लेकिन झारखंड के किसानों ने पहली बार एकजुट होकर अलग अलग तरीके से भी आंदोलन किया जो अभी जारी है हमें विस्थापन के दंश से किसानों को बचाना और उनके उत्पाद का वाजिब दाम दिलाना किसान सभा का पोरी कर्तव्य है।यह तभी संभव है जब हम राजनीतिक तौर से किसानों को चेतन सील कर सकेंगे। कन्वेंशन में पूर्व महासचिव के डी सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा आज भाजपा के केंद्र सरकार किसान सभा के नारे को अपना लिया है उसी के माध्यम से किसानों को गोलबँद करा कर रखा है। किसान भी जातीय समूह में बटे, इसलिए देश के किसान गोलबंद नहीं हो पा रहे हैं। किसान सभा का कोई कर्तव्य है कि किसानों को गोलबंद कर लड़ाई में ले जाना साथ साथ किसान सभा के शुद्ध पानी कोल्ड स्टोरेज का प्रबंध करना होगा उपाध्यक्ष परमोद साव ने कहा कि किसान सभा देश के मेरुदंड है। सरकार किसानों को लेमन चूस तो अवश्य दे रही है लेकिन लेमन चूस से पेट नहीं भरता इसलिए किसान आत्महत्या कर रहे हैं किसान आंदोलन में गति देना होगा ।उपाध्यक्ष पँचानन महतो ने कहा किसानों को सफल बनाए बिना देश को सबल नहीं बनाया जा सकता। कन्वेंशन किसान नेता गणेश महतो, मजदूर ,नेता पि के पांडे ,डॉक्टर बी एन ओहदार ,इंदु भूषण पाठक, हेमकांत माँझी ,बनवारी साव, देवनंदन साहु ,नेमध यादव माजीद अंसारी ,नेमाई माल पहाडीया ,माल पहाड़िया, रबीया खातून, हसीब ,अंसारी ईसहाक अंसारी , अजय सिंह ,उमेश नजीर, मेवालाल प्रसाद, केतु महतो ,केवला उराँव ,ईसहाक आनसारी ,हसिब आनसारी , कन्वेंशन ने भाग लिया अपने बातों में रखा है कन्वेंशन में । मुख्य प्रस्ताव किए गए मार्च 2020 तक किसान सभा की सदस्यता 100000 से अधिक करना है, 2020 तक महिला समूह बनाकर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण के लिए प्रयास करना, किसानों के फसल की लागत का लाभकारी मूल्य मिले इसके लिए संघर्ष करना ,गैरमजरूआ जमीन का रसीद चालू कराने के लिए संघर्ष करना ,60 वर्ष उम्र के सभी किसानों को ₹10000 मासिक किसान पेंशन देने के लिए संघर्ष करना ,किसानों की कर्ज माफी हो इसके लिए संघर्ष करना ,जबरिया भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने के लिए संघर्ष करना, पहले पुनर्वास फिर विस्थापन के लिए संघर्ष करना 1 जुलाई से 6 जुलाई तक सभी प्रखंडों में खाद बीज ,बिजली ,कीटनाशक दवा के लिए धरना प्रदर्शन करना 1 सितंबर को सभी जिला मुख्यालय में रैली जनसभा एवं प्रदर्शन किसान की समस्याओं को लेकर आंदोलन करना, अक्टूबर माह में राज्य स्तरीय रैली, लोंग मार्च एवं किसानों का महापड़ाव ,आयोजित करना महेन्द्र पाठक, महासचिव अखिल भारतीय किसान सभा झारखंड राज्य परिषद रांची

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