रांचीः भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा कि राज्य में लड़कियों का अनुपात 951 से बढ़कर 996 होने का श्रेय मोदी और रघुवर सरकार को जाता है. जिनके सार्थक प्रयासों से बेटियों के लिए बनाई गई सरकार की योजनाएं धरातल पर उतरीं. 2014 से 2018 के बीच लड़कों की संख्या में 63 हजार का इजाफा हुआ जबकि लड़कियों की संख्या में 1 लाख 34 हजार की भारी वृद्धि हुई, जो कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के धरातलीय सफलता का परिणाम है. आरती सिंह शुक्रवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहीं थीं. उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक अभियान बना जिसके अंतर्गत बेटियों की शिक्षा से लेकर शादी और स्वालंबन तक की जिम्मेदारी सरकार ने उठाई, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक प्रयास रहा.
महिलाओं को मालकिन बनाया
आरती सिंह ने कहा कि 1 रुपये में जमीन/मकान की रजिस्ट्री ने आज महिलाओं को संपत्ति की मालकिन बनाया. यही कारण है कि अब 80 फीसदी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो रही है. उन्होंने रघुवर सरकार को बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह इस सरकार में सखी मंडल की संख्या 40 हजार से बढ़कर 2.5 लाख तक पहुंची तथा अलग-अलग क्षेत्रों में 20 लाख महिलाओं को सखी मंडल के माध्यम से रोज़गार के अवसर मिले यह प्रसंशनीय है.
गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये सालाना की आर्थिक राशि भी
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रकल्प की प्रदेश संयोजक सीमा पात्रा ने कहा कि बेटियों के सुरक्षित जन्म के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 50 लाख गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये सालाना की आर्थिक सहायता राशि भी दी जा रही है. जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत 90 लाख गर्भवती महिलाओं का रक्षण किया गया. जो कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम है.
छात्राओं के लिए कक्षा 1 से पीजी तक कि पढ़ाई निःशुल्क की गई है एवं 12वीं कक्षा तक छात्राओं को किताब, पोशाक और छात्रावास भी निःशुल्क दिया जा रहा है, जिससे आज बेटियां बेटों से हर क्षेत्र में आगे निकल कर आ रही हैं. अपने घर का सपना लिए जीने वाली महिलाओं के लिए आज प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान बन चुका है, जिसने अपना घर देकर महिलाओं को मकान का मालकिन बनाया जिससे महिलाएं स्वालंबी बनी.

