BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

एक ऐसा गांव जहां करवाचौथ का व्रत रखने से हो जाती है पति की मौत

by bnnbharat.com
October 17, 2019
in समाचार
एक ऐसा गांव जहां करवाचौथ का व्रत रखने से हो जाती है पति की मौत
Share on FacebookShare on Twitter

जहां आज पूरे देश मे सुहागिन महिलाएं करवाचौथ बड़े ही धूमधाम से मना रही है. वहीं मथुरा के एक गावं के लिए यह त्योहार श्राप बन गया है. बता दें कि सामाजिक रूढ़िवादिता के बंधन में बंधी ‘चांदनी’ पर मथुरा के सुरीर कस्बे में मायूसी छाई रहेगी. कान्हा की नगरी के कस्बा सुरीर में सुहाग सलामती के त्योहार से परहेज की रूढ़िवादी परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है. यहां कि महिलाओं पर सती के श्राप का भय इस कदर मन-मस्तिष्क पर छाया हुआ है कि अपने सुहाग सलामती के त्योहार को भी नहीं मनाती. कस्बा सुरीर के मुहल्ला वघा में ठाकुर समाज के सैकड़ों परिवारों में करवा चौथ एवं अहोई अष्ठमी का त्यौहार मनाने पर बंदिश लगी हुई है.

करवाचौथ का त्योहार न मना पाने की कसक इस समाज की नवविवाहितों को कचोटती है. इस बंदिश को तोड़ने की किसी में हिम्मत नहीं है. उन्हें इस बंदिश को तोड़ने पर अनिष्ट की आशंका सताती है. कहते हैं कि सैकड़ों वर्ष पहले गांव रामनगला का ब्राह्मण युवक अपनी पत्नी को विदा कराकर घर लौट रहा था. सुरीर में होकर निकलने के दौरान इस मुहल्ले के ठाकुर समाज के लोगों से बग्घी में जुते भैंसा को लेकर विवाद हो गया. जिसमें इन लोगों के हाथों इस ब्राह्मण युवक की मौत हो गई.

अपने सामने पति की मौत से कुपित पत्नी मुहल्ले में इस समाज के लोगों को श्राप देते हुए सती हो गई थी. इसे सती का श्राप कहें या बिलखती पत्नी के कोप का कहर, संयोगवश इस घटना के बाद मुहल्ले में मानो कहर आ गया. एक के बाद एक कई जवान लोगों की मौत हो गई। महिलाएं विधवा होने लगीं। जिससे इन लोगों में कोहराम सा मच गया. जिसे देख बुजुर्ग लोगों ने इसे सती का श्राप मानते हुए क्षमा याचना की और मंदिर बना कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी.

बुजुर्ग बताते हैं कि तभी से करवाचौथ एवं अहोई अष्टमी का त्यौहार मनाना तो दूर महिलाएं पूरा साज-श्रृंगार भी नहीं करती हैं. उन्हें सती के नाराज होने का भय बना रहता है. कस्बा सुरीर में सती की पूजा एक देवी की तरह हो रही है. यहां विवाह-शादी एवं तीज त्यौहार पर सती की पूजा की जाती है. इस मुहल्ले के ही नहीं बल्कि कस्बे में सभी जाति वर्ग के लोग सती मंदिर पर मत्था टेकने के लिए आते है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

आजसू विधायक विकास मुंडा गये झामुमो में

Next Post

गहना घर गोलीकांड में जांच के लिए पांच टीमों का गठन

Next Post
गहना घर गोलीकांड में जांच के लिए पांच टीमों का गठन

गहना घर गोलीकांड में जांच के लिए पांच टीमों का गठन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d