रांची: कहा जाता है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं. हमारे वेद पुरान और शास्त्रों में महिलाओं को उच्च स्थान दिया गया है. हालांकि झारखंड में सत्ता के शीर्ष पदों पर महिलाएं आज भी ‘अबला’ है. लगातार चुनाव जीतकर आने के बाद भी सत्ताधारी दल महिलाओं को खास तवज्जों नहीं देते हैं.
झारखंड मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्रियों के लिए जगह है. हालांकि यहां महिलाओं की संख्या दो से अधिक नहीं बढ़ पाती है. सत्ता के शीर्ष के कई अन्य जगहों पर स्थिति तो और बुरी है.
हेमंत सरकार में एक महिला-
हेमंत सोरेन सरकार में फिलहाल एक महिला को ही जगह दी गई है. झामुमो कोटे से जोबा मांझी को मंत्री बनाया गया है. उन्हें महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेवारी दी गई है. मंत्रिमंडल में एक पद खाली है. इस बार गठबंधन दलों से कई महिला जनप्रतिनिधि विधानसभा में पहुंची है. उन्होंने बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया है.
रघुबर मंत्रिमंडल में दो महिलाएं
भाजपानीत सरकार के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने मंत्रिमडल में दो महिलाओं को जगह दी थी. दुमका से हेमंत सोरेन को हराने वाली डॉ लुईस मरांडी को मंत्री बनाया था. उन्हें अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अल्पसंख्यक मामलों का विभाग और महिला तथा बाल विकास विभाग की जिम्मेवारी दी गई थी. इसी तरह कोडरमा से जीती डॉ नीरा यादव को स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की जवाबदेही दी गई थी. रघुबर सरकार में भी मंत्री का एक पद अंत तक खाली रहा था.
विधानसभा अध्यक्ष पुरूष
राज्य गठन को 20 वर्ष बीत गये. इस अवधि में कई बार सरकार का गठन हो चुका है. महिला जनप्रतिनिधि जीतकर विधानसभा पहुंचती रही हैं. इसके बाद आज तक सत्ता में पहुंचने वाली किसी पार्टी ने महिला को विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनाया. उनपर भरोसा नहीं जताया.
महज तीन उत्कृष्ट विधायक
चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाली महिला जन प्रतिनिधियों में अब तक मात्र 3 महिला को ही उत्कृष्ट विधायक का पुरस्कार मिला है. झारखंड विधानसभा ने अपनी साइट पर ही यह जानकारी दी है.
झारखंड में महिलाएं
- कुल आबादी : 3,29,88,134
- पुरुष : 1,69,30,315
- महिला : 1,60,57,819
साक्षरता दर : 66.41 फीसदी
- पुरुष : 76.84
- महिला : 55.42
(नोट : आंकड़े 2011 की जनगणना के अनुसार)
अब तक के राज्यपाल
नाम- कार्यकाल
- प्रभात कुमार- 15 नवंबर 2000 से 3 फरवरी 2002
- विनोद चंद्र पांडेय- 4 फरवरी 2002 से 14 जुलाई 2002
- एम रामा जोयिस- 15 जुलाई 2002 से 11 जून 2003
- वेद प्रकाश मारवाह- 12 जून 2003 से 9 दिसंबर 2004
- सैय्यद सिब्ते रजी- 10 दिसंबर 2004 से 25 जुलाई 2009
- के शंकर नारायण- 26 जुलाई 2009 से 21 जनवरी 2010
- एमओएच फारूख- 22 जनवरी 2010 से 3 सितंबर 2011
- डॉ सैय्यद अहमद- 4 सितंबर 2011 से 17 मई 2015
- द्रौपदी मुर्मू- 18 मई 2015 से अब तक
अब तक के विधानसभा अध्यक्ष
नाम- कार्यकाल
- इंदरसिंह नामधारी- 22 नवंबर 2000 से 29 मार्च 2004
- इंदरसिंह नामधारी- 4 जून 2004 से 11 अगस्त 2004
- मृगेंद्र प्रताप सिंह- 18 अगस्त 2004 से 11 जनवरी 2005
- इंदरसिंह नामधारी- 15 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006
- आलमगीर आलम- 20 अक्टूबर 2006 से 26 दिसंबर 2009
- सीपी सिंह- 6 जनवरी 2010 से 19 जुलाई 2013
- शशांक शेखर भोक्ता- 25 जुलाई 2013 से 23 दिसंबर 2014
- डॉ दिनेश उरांव- 7 जनवरी 2015 से 24 दिसंबर 2019
- रविंद्रनाथ महतो- 7 जनवरी 2020 से ……
उत्कृ्ष्ट विधायकों में कम महिलाएं
वर्ष- नाम
- 2001- विश्वेश्वंर खां
- 2002- हेमलाल मुर्मू
- 2003- राजेंद्र प्रसाद सिंह
- 2004- लोकनाथ महतो
- 2005- अन्नपूर्णा देवी
- 2006- राधाकृष्ण किशोर
- 2007- पीएन सिंह
- 2008- इंदरसिंह नामधारी
- 2010- जर्नादन पासवान
- 2011- माधवलाल सिंह
- 2012- रघुबर दास
- 2013- लोबिन हेम्ब्रम
- 2015- प्रदीप यादव
- 2016- स्टीफन मरांडी
- 2017- विमला प्रधान
- 2018- मेनका सरदार
नोट : जानकारी विधानसभा की वेबसाइट से ली गई है.

