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2350 मामले सामने आये, दंड स्वरूप 430.5 लाख रुपये की वसूली
रांची: झारखंड के पहाड़ों से अवैध खनन कर पहाड़ों का अस्तित्व ही समाप्त किया जा रहा है और इलाके की पहचान को ही पूर्ण रूप से समाप्त करने की साजिश हो रही है.
पत्थर के अवैध खनन पर अंकुश लगाने को लेकर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी थी, जिसके आलोक में समय-समय पर विभाग द्वारा अवैध पत्थर खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और न्यायालय को अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जाता है.
खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा यह जानकारी दी गयी है कि राज्य के खनिजों के अवैध उत्खनन के रोकथाम के लिए प्रत्येक जिले में जिला खनन पदाधिकरी, सहायक खनन पदाधिकारी और जिला टास्क फोर्स द्वारा नियमित रूप से संज्ञान में आये मामलों पर जांच, निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है तथा जुर्माने की वसूली की जाती है.
अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के सुनियंत्रित करने के लिए द झारखंड मिनरल्स प्रिवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज रूल्स 2017 का गठन किया गया.
जिसके तहत गत वित्तीय वर्ष में 2350 मामले सामने आये, इनमें से 584 प्राथमिकी दर्ज की गयी और 430.5 रुपये जुर्माने की वसूली की गयी.

