रांची : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड प्रदेश का एक दिवसीय छात्र नेता सम्मेलन गुरुवार को ऑनलाइन ब्लू जींस ऐप के माध्यम से संपन्न हुआ.
इस सम्मेलन में पूरे झारखंड के सभी जिले से परिषद के प्रमुख दायित्वान छात्र नेताओं ने भाग लिया. बैठक दो सत्रों में आयोजित हुई. प्रथम सत्र में वर्तमान शैक्षणिक परिस्थिति एवं विद्यार्थियों के मन: स्थिति, परिषद के प्रयास एवं सुझाव पर गहनता से चर्चा हुई. छात्र नेता कार्यशाला का उद्घाटन प्रदेश अध्यक्ष नाथू गाड़ी ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इस सत्र में राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री निवास भी उपस्थित थे.
उद्घाटन भाषण राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने दिया. उन्होंने शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस की शुभकामनाएं देते हुवे कहा कि आज समाज और राष्ट्र निवारण के विषय में हमारा दायित्व बढ़ गई है. हमारा चाल, चरित्र, रहन-सहन शब्द से हमारे विचार परिलक्षित होनी चाहिए. परिसर के छात्र हमें देखकर फॉलो करते हैं . 70 सालों से लगातार हम चलते आ रहे हैं यह हमारे कार्य पद्धति का परिणाम है. अभाविप झारखंड ने कोरोना संकटकाल में लागातार जिस तरह सेवा कार्य किया है, वह बहुत ही सराहनीय है. झारखंड प्रांत के विभिन्न जिलों में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा कार्य, फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अंग्रेजी ग्रामर व योग की कक्षा कराना, , कैरियर कॉउंसलिंग, आहार केंद्र के माध्यम से गरीब जनों को भोजन उपलब्ध कराना हो , छोटे बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण करना हो यह सभी कार्य बहुत ही प्रशंसनीय है. साथ ही निधि त्रिपाठी ने कहा कि , अभाविप आउटडेटेड छात्र संगठन नहीं, बल्कि अपडेटेड छात्र संगठन है. जो हर परिस्थिति में छात्रहित, समाजहित और राष्ट्रहित में सेवार्थ हेतु तत्पर रहते हैं.
श्रीनिवास ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि आज के दिन ही चाइना के कम्युनिस्ट सरकार ने 10,000 से ज्यादा छात्रों को टैंक के नीचे रौंद कर मार दिया गया था. वह छात्र नेता अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे. वामपंथ के दूषित विचार रखने वाले आज वामपंथी उस विषय को ऊपर चर्चा नहीं करते हैं हम उन बलिदानी छात्र नेताओं को नमन करते हैं. आज हम सभी को छात्र नेता के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं का भाव रखते हुए भी चलना चाहिए.
छात्र नेता सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों के वर्तमान परिस्थिति और उनके मन: स्थिति पर ढेरों विषय सामने आए.
• अखबारों के माध्यम से प्राप्त जानकारी और विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन से आने वाले बातों में विरोधाभास होने से विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है.
• विश्वविद्यालयों के द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही है जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले छात्र-छात्राएं उसका लाभ उठा नहीं पा रहे हैं.
• निजी स्कूल के द्वारा ही माफी के ऊपर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है.
• विश्वविद्यालयों के द्वारा यह कहा जा रहा है कि उनका सिलेबस कंप्लीट हो गया है जबकि विद्यार्थियों के द्वारा यह बात बार-बार सामने आ रही है कि अभी तक सिलेबस कंप्लीट नहीं हुई है.
• रांची विश्वविद्यालय में रेडियो खांची के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है इससे साइंस और कॉमर्स के विद्यार्थियों को समझने में काफी परेशानी हो रही है.
• शिक्षकों के द्वारा डाउट क्लियर करने के लिए किसी तरीके के क्लास नहीं चलाए जा रहे हैं.
• ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में पुस्तक और इंटरनेट की उपलब्धता नहीं रहने के कारण एग्जाम की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं.
• प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों में सेशन लेट होने और उम्र बढ़ने रियायत मिलेगी या नहीं मिलेगी इस विषय को लेकर काफी चिंता है.
• विश्वविद्यालय का वेबसाइट और सूचना तंत्र कमजोर रहने के कारण विद्यार्थियों तक विश्वविद्यालय द्वारा किसी तरीके के जारी किए जा रहे नोटिफिकेशन की जानकारी नहीं पहुंच पा रही है.
प्रयास के संदर्भ में परिषद में कई महाविद्यालयों सहित सभी विश्वविद्यालयों एवं राज्यपाल को सुझाव के साथ ज्ञापन देकर के वर्तमान शैक्षिक स्थिति से अवगत कराया है एवं शिक्षा के विषय पर कदम उठाने का पूर्व में आग्रह भी किया है.
होटल और लॉज में पढ़ने वाले छात्रों के ऊपर किराया देने का एक बड़ा बोझ उनके ऊपर आया है.
निधि त्रिपाठी ने बताया कि परिषद पूर्व में ज्ञापन के माध्यम से नई टेक्नोलॉजी के ऊपर शिक्षकों की ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों के लिए एज रिलैक्सेशन, शिफ्ट वाइज एग्जामिनेशन, परीक्षा के विभिन्न स्वरूप इत्यादि सभी विषयों पर प्रधानमंत्री जी को भी ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया है.
दूसरा सत्र कैंपस खोलने के बाद परिषद के कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी योजना के ऊपर चर्चा हुई.
दूसरे सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने सभी कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया.
कैंपस खुलने के बाद अवेयरनेस प्रोग्राम, ऑनलाइन कार्य के लिए प्रोत्साहन, सोशल मीडिया की उपयोगिता, सिलेबस, हेल्पडेस्क, सेमिनार इत्यादि विषय पर चर्चा हुई.
राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष ने कहा कि कैंपस खुलने के बाद परिषद के कार्यकर्ताओं की भूमिका हम हो जाएगी. परिषद के कार्यकर्ताओं को ध्यान देना होगा कि परिषद के अंदर छात्रों की संख्या, कैंटीन में विद्यार्थियों की संख्या, एग्जाम्टाइम विद्यार्थियों की संख्या कैसे संयमित रहे और विद्यार्थी कैसे जागरूकता के साथ फिजिकल डिस्टेंस को बनाए रखते हुए कार्य को करेंगे.
आगामी कार्य योजना में यह तय भी हुआ कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के विभिन्न विषयों और वर्तमान समय में उनकी क्या मत है को लेकर “छात्र मत सर्वे” करेगी और उसके माध्यम से विश्व विद्यालय एवं सरकार को ज्ञापन के माध्यम से समधान के लिए अपनी बातों को भी रखेगी.

