मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक तथा कंप्यूटर ऑपरेटर से हुई पैसे की वसूली
मेदिनीनगर: पलामू के उपायुक्त शशि रंजन के जनता दरबार में आए आवेदनों के त्वरित निपटारे के लिए जिला के पदाधिकारी निरंतर लगे हुए हैं. इसी क्रम में उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर ने जनता दरबार में प्राप्त शिकायत पत्र के आलोक में जिला स्तरीय जांच दल गठित कर पंडवा ग्राम के मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध कार्रवाई की है.
क्या है मामला?
उपायुक्त पलामू के जनता दरबार में पंडवा ग्राम से आए एक फरियादी ने ग्राम पंचायत पंडवा के मुखिया के विरुद्ध मनरेगा योजनाओं में फर्जी निकासी एवं वित्तीय अनियमितता संबंधित शिकायत की थी.
उपायुक्त शशि रंजन ने उक्त शिकायत की जांच करने हेतु उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया था. उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर ने आरोपों की जांच के लिए जिला स्तरीय जांच दल का गठन किया.
जांच दल द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में बताया गया की भुगतान हेतु गलत प्रक्रिया को अपना कर फर्जी तरीके से कुल 24 हजार 116 रुपए की निकासी की गई है, जो वित्तीय अनियमितता का मामला बनता है.
उपरोक्त अनियमितता के आलोक में जांच दल द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर सभी संबंधित दोषी कर्मियों यथा कंप्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव तथा मुखिया से निर्धारित की गई राशि की वसूली करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है.
उप विकास आयुक्त ने बताया कि पंचायत सचिव, मुखिया तथा ग्राम रोजगार सेवक से वसूली नाजिर रसीद के माध्यम से कर ली गई है तथा कंप्यूटर ऑपरेटर से राशि की वसूली हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारी पंडवा को निर्देश दिया गया है.
इसके अलावा अब तक जनता दरबार मे आये कई पेंशन, राशन- कार्ड, आवास, जमीन इत्यादि जैसे मामलों का निपटारा किया जा चुका है.
उपायुक्त शशि रंजन के जनता दरबार में फरियादी पेंशन, राशन, जमीन, आवास इत्यादि मामलों की शिकायत लेकर आते हैं, जिसे उपायुक्त त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देश देते हैं.
उपायुक्त का जनता दरबार पलामू समाहरणालय परिसर में उनके कार्यालय वेश्म में प्रत्येक मंगलवार तथा शुक्रवार को लगाया जाता है. कोविड-19 के दौरान लगाए जा रहे जनता दरबार में फरियादियों के लिए सैनिटाइजर तथा इस दौरान सामाजिक दूरी का अनुपालन भी किया जा रहा है.

