पेयजल मंत्री ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, उद्योग विभाग कर रहा सर्वेक्षण
सभी सरकारी भवनों में होगी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था
रांची: पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा है कि अवैध बोटलिंग प्लांट से पानी बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है। उद्योग विभाग अवैध बोटलिंग प्लांट का सर्वे कर रहा है।
अवैध रूप से चल रहे बोटलिंग प्लांट पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें बोटलिंग प्लांट लगाने के मानकों को भी देखा जायेगा। झारखंड ड्राई जोन में न आए, इसके लिये काफी उपाए किए जा रहे हैं। पेयजल मंत्री शुक्र वार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग का भी काम चल रहा है।
34.77 फीसदी आबादी को पाइप से मिल रहा पानी
पेयजल मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 34.77 फीसदी आबादी को पाइप से पानी मिल रहा है। पिछले साढ़े चार साल में 361 नई योजनाएं ली गईं। 2015 तक सिर्फ 12 फीसदी आबादी को पाईप लाइन से पानी मिल रहा था। अब विभाग जन नल योजना के तहत आगे बढ़ रहा है।
2020 तक 50 फीसदी आबादी को पाइप लाइन से पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 2024 तक पूर्ण अच्छादन का लक्ष्य है। जल शक्ति अभियान के तहत सभी सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जायेगी। प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस में काम हो चुका है। सभी प्रखंड कार्यालय में भी यह व्यवस्था होगी। भवन निर्माण विभाग इस काम को करेगा।
राज्य में 4.4 लाख है चापानल
पेयजल सचिव अराधना पटनायक ने बताया कि राज्य में 4.4 लाख चापानल हैं। इस साल मई से जून के बीच 70 हजार खराब पड़े चापानलों को ठीक कराया गया। राज्य की 99 फीसदी आबादी चापानल से अच्छादित है। राष्ट्रीय मानक 125 लोगों पर एक चापानल है। जबकि झारखंड में 70 लोगों पर एक चापानल है।
उन्होंने बताया कि आठ जिलों में डीएमएफटी की राशि पाइप से पानी पहुंचाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें रामगढ़, धनबाद, बोकारो, चतरा, पश्चिमी सिंहभूम और गोड्डा शामिल हैं। कुल 82 पाइप जलापूर्ति योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इससे 25.90 लाख को पाइप से पानी मिलेगा।
55 हजार रानी मिस्त्री को रोजगार
अराधना पटनायक ने बताया कि 55 हजार रानी मिस्त्रीयों ने 3.5 लाख शौचालय का निर्माण किया। अब उन्हें महवारी प्रबंधन के लिये पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा शॉकपीट बनाने, चापानल मरम्मत के प्रशिक्षण के साथ और प्रधानमंत्री आवास योजना में भी उन्हें लगाया जा रहा है। धीरे-धीरे उन्हें अन्य योजनाओं से भी जोड़ा जायेगा।
विभाग की योजनाएं एवं उपलब्धियां
- राज्यभर में कुल 55 हजार रानी मिस्त्रीयों को रोजगार मिला।
- 29 हजार जल सहियाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह मानदेय का प्रावधान।
- आदिम जनजाति को शुद्ध पेयजल के लिए 2251 लघु पाइप जलापूर्ति योजनाओं को सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य।
- एसटी-एससी बहुल टोलों में मुख्यमंत्री जन जल योजना के तहत 11124 योजनाओं की स्वीकृति।
- डीएमएफटी के तहत आठ जिलों में पूर्णतया पाइप लाइन से अच्छादित करने का लक्ष्य।
- आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित 483 टोलों में सतही जलापूर्ति योजना व इडीएफ के तहत शुद्ध पेयजलापूर्ति की जा रही सुनिश्चित।
- स्वच्छता सर्वक्षण ग्रामीण में झारखंड को तीसरा स्थान मिला।
- देवघर मंदिर को क्लीनेस्ट आइकॉनिक स्थल में तीसरा स्थान मिला।
- 24 जिलों और पांच प्रमंडलों में जल जांच प्रयोग शाला कर रहा है काम।

