रोजगार सृजन की ओर सरकार के बढ़ते कदम
रांची:- वर्तमान में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार उद्यमिता विकास की ओर ज्यादा बल देने हेतु व्यापक कार्य करने की योजना पर सरकार का विशेष ध्यान है. इस निमित्त ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से आच्छादित करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन के युवाओं को स्वरोजगार स्वयं के व्यवसाय शुरू करने हेतु सुगम एवं सस्ते दर पर ऋण एवं अनुदान का लाभ दिया जाना है. ऐसे युवाओं को रोजगार से जोड़ने एवं उद्यमिता विकास हेतु झारखण्ड राज्य आदिवासी सहकारी निगम, झारखण्ड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम, झारखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम और झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से ऋण लेने की प्रक्रिया को लचीला बनाया गया है. इस प्रकार ऐसे युवाओं को पूर्व से अधिक अनुदान का लाभ भी प्राप्त हो सकेगा. युवाओं को ऋण की सुविधा के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों के विकास और उनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए उपलब्ध कराने की योजना पर सरकार कार्य कर रही है, ताकि युवा अपनी असीम ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में कर सकें.
कोरोना संक्रमण काल में लौटे युवाओं को रोजगार से है जोड़ना
इससे पूर्व भी युवाओं को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग स्वरोजगार हेतु ऋण की सुविधा उपलब्ध कराता था. परंतु कोरोना संक्रमण काल में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक राज्य वापस आये. ऐसे में रोजगार उपलब्ध कराने को वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता के तौर पर लिया और पूर्व से चली आ रही ऋण सह अनुदान योजना में संशोधन का निर्णय लेकर युवाओं के लिए स्वरोजगार अपनाने के मार्ग को प्रशस्त किया. ऋण सह अनुदान राशि में संशोधन के फलस्वरूप स्वरोजगार के लिए अब 40 प्रतिशत की अनुदान राशि प्राप्त होगी. पूर्व में यह 25 प्रतिशत था.
ऋण लेना होगा आसान
वर्तमान सरकार का मानना है कि स्वरोजगार हेतु युवाओं को ऋण लेने में अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध हो. उक्त आलोक में विभाग द्वारा संचालित निगमों को स्वरोजगार हेतु ऋण अनुदान का लाभ देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना आरंभ करते हुए ज्यादा से ज्यादा लाभुकों को ऋण अनुदान की सुविधा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
इस तरह झारखण्ड के युवाओं को स्वरोजगार के साधन यथा ट्रेडिंग, मैनुफैक्चरिंग और वाहन उपलब्ध कराने में योजना सहायक हो रहा है, और झारखण्ड के युवा राज्य के विकास में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहें है.

