रांची: झारखंड की उपराजधानी और संथाल परगना के प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका में अभी तक इस वैश्विक महामारी से आक्रांत कोई मरीज चिन्हित नहीं है.
इसके बावजूद जिला प्रशासन ने सम्भावित कोरोना वायरस संक्रमित मरीज के मिलने की स्थिति से निपटने के मद्देनजर एहतियातन तैयारी शुरू कर दी है. इसी क्रम में आज यहां नगर पर्षद क्षेत्र के कुछ इलाके को पूरी तरह सील कर मॉक ड्रिल किया गया.
इस दौरान उपायुक्त राजेश्वरी बी और पुलिस अधीक्षक वाई एस रमेश ने स्वास्थ्य विभाग और जिले के अधिकारियों के साथ मॉक ड्रिल के लिए चयनित नियंत्रण क्षेत्र का निरीक्षण किया. मॉक ड्रिल वाले नियंत्रण के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि दुमका जिले के निकटतम जिले में कोविड-19 से संक्रमित मामले की पुष्टि हुई है.
ऐसी स्थिति में जिले में लॉकडाउन का अनुपालन और अधिक कड़ाई से करने की आवश्यक है. इसके साथ ही जिले में ईपीआई सेंटर के लिए कंटेनमेंट प्लान के तहत कार्य करने से संबंधित सभी तैयारियां पूर्व से कर लेने की जरूरत है. इसके मद्देनजर आज जिला मुख्यालय के नगर पर्षद क्षेत्र के कुछ इलाके में आज दिन के 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक कंटेनमेंट प्लांट के तहत कार्य करने को लेकर मॉक ड्रिल किया गया.
इसके तहत कंटेनमेंट एरिया के सभी प्रवेश पथों का बेरिकेडिंग सील किया गया है, ताकि क्षेत्र के बाहर का कोई व्यक्ति अंदर नहीं आ सके और नियंत्रण क्षेत्र के अंदर का कोई व्यक्ति बाहर नहीं निकल सके. मॉक ड्रिल के दौरान कंटेनमेंट एरिया में सफाई कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर साफ-सफाई एवं नियमित रूप से सैनिटाइज किया गया.
उन्होंने कहा कि सम्भावित मरीज मिलने के बाद पूरे इलाके को सील करने की स्थिति में जिला प्रशासन ने आवश्यक सामग्रियों (एसेंशियल सर्विस) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टीम तैयार कर लिया है. इस परिस्थिति में अगर किसी जरूरतमंद लोगों का आर्डर मिलने पर उन्हें जरूरी सामग्री ( एसेंशियल आइटम) उनके घर तक पहुंचाया जाएगा.
कंटेनमेंट एरिया के संपूर्ण गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए क्षेत्र के मुख्य चौक चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया गया और सिविल सर्जन कार्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष से इसकी निगरानी की गयी.
उपायुक्त ने कंटेनमेंट प्लान से जनता को अवगत कराते हुए कहा कि यदि दुमका जिला में कोरोना संक्रमण के सकारात्मक पॉजिटिव मामले आने पर संबंधित क्षेत्र में इस कंटेनमेंट प्लान को तुरंत लागू किया जाएगा. इसके लिए प्रशासन को तैयार रहने के साथ जनता को भी जागरूक रहने की आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि इसलिए लिए आज यहां मॉक ड्रिल किया गया है. इस दौरान किसी प्रकार की समस्या आने पर उसके निराकरण की तैयारी किया जा सकेगा. मॉक ड्रिल के पश्चात सभी पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बैठक कर कंटेनमेंट प्लान को कार्यान्वित कराने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो उस मसले पर चर्चा कर उसका निराकरण किया जाएगा.
उपायुक्त ने कोरोना को पराजित करने के लिये सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आम लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के अनुपालन को दिनचर्या में शामिल की आदत डालनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का लगातार अभ्यास हम अपने जीवन शैली में ला सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
उपायुक्त ने कहा कि जिले में कृषि एवं मनरेगा का कार्य शुरू कर दिया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में किसान एवं मनरेगा मजदूर भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए अपने कार्य कर रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाऐं भी चापाकल पर भी सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियमों का अनुपालन कर रही है.
इसके बावजूद अब भी किसी किसी इलाके से सामाजिक दूरी का अनुपालन नहीं किये जाने की शिकायतें मिलती हैं. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है.

