उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच करने का दिया आदेश
पलामू:- पलामू जिले के विश्रामपुर धान क्रय केंद्र में किसानों से नहीं बल्कि व्यापारियों से धान खरीदने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दिया गया है. जिले के उपायुक्त शशि रंजन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्रामपुर को जांच की जिम्मेवारी सौंपी है.
उपायुक्त के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्रामपुर ने धान क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया. जांच के क्रम में मौके पर मौजूद एमओ से पूछताछ पर पता चला कि धान का क्रय, एसएमएस द्वारा प्राप्त लाभुकों के नाम का मिलान आधार कार्ड से करके ही धान का क्रय किया जाता है. इस दौरान वहां उपस्थित 3 किसानों के द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा लाए गए धान के क्रय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई है. इसके उपरांत प्रखंड विकास पदाधिकारी ने धान क्रय पंजी का जांच किया, जिसमें पता चला कि अब तक कुल 185 किसान लाभुकों से धान का क्रय किया जा चुका है.
धान क्रय केंद्र पर वर्तमान में धान रखने हेतु पर्याप्त स्थान एवं व्यवस्था पाया गया एवं वहां पर मौजूद एमओ से पूछने पर पता चला कि धान का क्रय समय अनुसार किसानों से किया जा रहा है. इसके अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारी ने उक्त धान क्रय केंद्र पर मजदूरों से भी बात की. बात करने पर पता चला कि किसानों द्वारा उक्त केंद्र पर लाए गए धान को तोलने, उसे बोरी में पैक करने एवं बोरी के सिलाई इत्यादि करने हेतु एमएलसी ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार का राशि का भुगतान इन मजदूरों को नहीं किया जाता है. उन्हें सिर्फ तैयार किए गए प्रत्येक बोरी को वाहन में रखने के एवज में मात्र ₹2 प्रति बोरी का भुगतान किया जाता है. ठेकेदार के द्वारा पैसे नहीं दिए जाने के कारण इस धान अधिप्राप्ति केंद्र में कार्यरत मजदूरों के द्वारा किसानों से अतिरिक्त रुपए लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस संदर्भ में धान क्रय केंद्र में मौजूद पांच मजदूरों से लिखित बयान भी लिया गया है.
निरीक्षण के क्रम में यह पता चला कि धान का क्रय निरीक्षण के समय में संबंधित किसानों से ही किया जा रहा था. उपरोक्त जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि इस धान क्रय केंद्र के मंडी लेवल कांट्रेक्टर के द्वारा प्रथम दृष्टया टेंडर के शर्तों की अवहेलना की जा रही है. प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा उपायुक्त को सौंपी गई रिपोर्ट में उक्त मामले में मार्केटिंग ऑफिसर तथा धान क्रय पदाधिकारी की भी संलिप्तता बताई है, तथा उपायुक्त से मार्केटिंग ऑफिसर, धान क्रय पदाधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की अनुशंसा की है.
