रांची: कोरोना संकट के कारण न्यायालय बंद रहने से परेशान अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से सहायता की गुहार लगाई है. अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर आर्थिक सहायता देने की मांग की है. कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के कारण अधिवक्ताओं का कामकाज काफी प्रभावित हुआ है. संक्रमण के कारण अदालत में न्यायिक कार्य वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से चल रहा है.
झारखंड अधिवक्ता मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आर्थिक दूसरे राज्यों की तरह झारखंड में भी अधिवक्ताओं को मिले मदद रू मंच मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अधिवक्ताओं की आर्थिक सहायता की मांग मदद करने की मांग की है.
मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया कि अधिवक्ता समाज के प्रहरी के रूप में उचित मार्गदर्शन देते हैं. वर्तमान कोविड-19 महामारी में अन्य क्षेत्र के अलावे विधि कार्य भी काफी प्रभावित हुआ है. न्यायालय में कोविड-19 के कारण 23 मार्च से न्यायालय पूर्ववर्त नहीं चल रहा है. जिससे अधिवक्ता समाज का एक बड़ा धड़ा कामकाज से वंचित है.
अधिवक्ताओं की वित्तीय स्थिति दयनीय हो गई है. और राज्य के अधिवक्ताओं को घोर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है. झारखंड अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने पत्र के माध्यम से कहा है कि अधिवक्ताओं की आर्थिक स्थिति के मद्देनजर जिस तरीके से दिल्ली सरकार के द्वारा अधिवक्ताओं को सहायता को लेकर 50 करोड़ रुपए उपलब्ध कराई है. उसी प्रकार तेलंगाना सरकार ने भी 100 करोड़ रुपए की राशि अधिवक्ताओं को देने का काम किया है. झारखंड सरकार भी अधिवक्ताओं को 100 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराये.

