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कोयला खनन रोके जाने के 10 दिन बाद एनटीपीसी ने खोली चुप्पी , कहा प्रतिदिन 89.25 लाख राजस्व का नुकसान

by bnnbharat.com
July 16, 2020
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कोयला खनन रोके जाने के 10 दिन बाद एनटीपीसी ने खोली चुप्पी , कहा प्रतिदिन 89.25 लाख राजस्व का नुकसान
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NTPC ने कहा,

  • आंदोलन से हो सकता है राजनीति लाभ, लेकिन गरीब को पड़ रहे हैं खाने के लाले
  • राज्य सरकार को प्रतिदिन 89 लाख 25 हजार राजस्व की हानि हो रही है

बड़कागांव(हज़ारीबाग़) : रोजगार एवं मुआवजे की मांग को लेकर एनटीपीसी के प्रभावित पोषक क्षेत्र के बेरोजगार युवकों द्वारा कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन पर एनटीपीसी पंकरी बरवाडीह ने 10 दिनों के बाद चुप्पी खोली और अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि कोरोनावायरस महामारी बीमारी की वजह से वैश्विक मंदी छाई हुई है.
कई निजी संस्थानों पर ताला जड़ चुका है तो कुछ कर्मचारियों की छटनी करने पर विवश हैं। व्यापार नगण्य होने की वजह से सरकार को आय कम हो रही है परंतु चिकित्सा पर व्यय बढ़ गया है। आम आदमी तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंच सके इसके लिए सरकार अनवरत कार्य कर रही है। इसके बावजूद भी आर्थिक ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार को खासी मेहनत और विरोधियों के वार सहने पढ़ रहे हैं.

कंपनी ने आगे कहा है कि 4 जुलाई से एनटीपीसी पकरी बरवाडीह की कोल माइंस में चले आ रहे हैं बंद की वजह से झारखंड सरकार को प्रतिदिन 89 लाख 25 हजार राजस्व की हानि हो रही है. इस राशि से राज्य में लगभग 44,625 लोगों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार दिया जा सकता था. आगे कहा गया कि यह आंकलन एनटीपीसी द्वारा कोविड 19 के प्रभाव के बावजूद भी रोजाना 30,000 मीट्रिक टन कोयला का उत्पादन करके विभिन्न परियोजनाओं को भेजा जा रहा था. इस कोयला उत्पादन के बाद अस्पतालों और देश के अन्य व्यवसाय को एनटीपीसी द्वारा अनवरत बिजली की सप्लाई करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है.

कंपनी ने आगे कहा कि कुछ लोगों के राजनीतिक लालच की वजह से माइंस में काम करने वाले 3000 मजदूरों को नो वर्क नो पे के आधार पर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है. 2000 डंपर ड्राइवर भी काम ना मिलने की वजह से संकट में हैं.
बानादाग रेलवे साइडिंग में भी 250 मजदूर कोयला ढुलाई का काम न होने की स्थिति में खाली बैठे हैं। एन टीपी सी ने कहा कि इस बंद से राजनीतिक लाभ तो मिल सकता है परंतु गरीब को रोटी के लाले पढ़ रहे हैं. यह बंद नहीं खुलेगा तो कितने ही परिवारों में बिना चूल्हा जले ही रह जाएंगे.

ज्ञात हो कि एनटीपीसी पंक्ति बरवाडी कोल माइन्स के प्रभावित पोषक क्षेत्र इस चिपचिपा कला गांव के बेरोजगार युवकों द्वारा प्रशासन को पूर्व सूचित कार्यक्रम के तहत विगत 3 जुलाई से कंपनी का कोयला ट्रांसपोर्टिंग बंद कर दिया है ट्रांसपोर्टिंग ठप हो जाने के कारण 3 दिन के बाद एनटीपीसी ने कोयला खनन भी बंद कर दिया इस आंदोलन में क्षेत्र के विधायक अंबा प्रसाद ने भी आंदोलित ग्रामीणों को सहयोग कर रही हैं.

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