कर्मवीर,
राँची: राजनीति में नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाना कोई नई बात नहीं. लेकिन महज आठ साल में तीन पार्टी बदलने की बात हो तो थोड़ा अजीब लगता है.जी हाँ आज हम बात कर रहे हैं डॉक्टर अजय कुमार की.अभी कल तक कि बात है कि इस नाम को झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम से जाना जाता था लेकिन उम्मीद के अनुसार डॉक्टर साहब ने कांग्रेस को बाय बाय करके गुरुवार को दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में शामिल हो गये. डॉक्टर अजय के स्वागत के लिये आम आदमी पार्टी में काफ़ी उत्साह नजर आया.दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और केजरीवाल के बेहद करीबी मनीष सिसोदिया ने आम आदमी पार्टी का टोपी पहना कर स्वागत किया.वहीं डॉक्टर साहब के पुराने कांग्रेसी दोस्तो को मीडिया से ही पता चला कि हाथ का साथ छोड़ कर डॉक्टर अजय झाडू चलाने की सीख ले रहे हैं. वैसे देखा जाये तो अजय कुमार पाला बदलने में तनिक भी देर नहीं करते हैं. झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस सेवा देने वाले अजय कुमार ने राजनीति का ककहरा झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मराण्डी से सीखा और कंघी को हाथ मे लेकर वर्ष 2011 के उप चुनाव में झविमो के सांसद बन गये. सब अच्छा चल रहा था कि अचानक अजय कुमार का मन बदला और छेत्रिय पार्टी को छोड़ चल दिये राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस में शामिल होने.
पार्टी ने उन्हें सम्मान देने के साथ उन्हें कोंग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता और फिर झारखंड का प्रदेश अध्यक्ष बनाया. समय गुजरा,अजय कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन के तहत कांग्रेस पार्टी ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा और महज एक सीट पर जीत हासिल की. फिर क्या था कांग्रेस में अजय कुमार को लेकर हो हंगामा और विरोध आय दिन सुर्खियां बनने लगी. समय के नजाकत को भांपते हुए एक बार फिर डॉक्टर अजय कुमार ने पाला बदलने में भलाई समझा और चल दिये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ. शायद आम आदमी पार्टी को लगता हो कि पिछले आठ साल के रिकॉर्ड को छोड़ कर झारखंड विधानसभा चुनाव में अजय कुमार आम आदमी पार्टी के अच्छे डॉक्टर साबित होंगे.

