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कृषि कानून को वापस लेने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं का प्रखंड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन

by bnnbharat.com
December 5, 2020
in Uncategorized
कृषि कानून को वापस लेने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं का प्रखंड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन
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रांची:-आज झारखंड प्रदेश के सभी जिलों के प्रखंड मुख्यालयों में ’ केन्द्रीय कृषि क़ानूनों को वापस लेने एवं दिल्ली की सड़कों में आंदोलित लाखों किसानों के समर्थन में’ कांग्रेस पार्टी के द्वारा धरना प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया . झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष माननीय डॉ रामेश्वर उराँव के निर्देशानुसार किसानों के समर्थन में आज का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम सभी जिलों में बेहद ही सफल रहा। राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया एवं किसानों के समर्थन में आवाज बुलंद किया.
कांग्रेस पार्टी पूर्ण रुप से किसानों के आंदोलन के साथ खड़ी है। काँग्रेस पार्टी का मानना है कि भाजपा के मोदी सरकार ने किसान विरोधी तीन काला कानून बनाकर किसानों की आजीविका पर क्रुर हमला किया है. इन तीनों कानूनों से किसानों को नहीं पूंजिपतियों को सीधा लाभ होगा.इन तीनों कानूनों की मांग न तो किसानों ने की थी न ही सरकार ने इन कानूनों को बनाने से पहले किसान संगठनों से राय जानने की कोशिश की थी. चूंकि लोकतंत्र में जनता की इच्छाओं के अनुरूप ही कानून बनाये जाते हैं. संसद के दोनों सदनों में भारी विरोध के बावजूद भाजपा सरकार ने जबरन कृषि कानून पास कराया. इन काले कानूनों के खिलाफ झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के माननीय अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उराँव के नेतृत्व में किसानों के साथ आंदोलित है.
वर्तमान में देश के लाखों किसान दिल्ली में मोदी सरकार द्वारा पारित तीनों काला कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत हैं. किसानों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि संसद का शीतकालीन सत्र बुलाकर अविलंब केंद्रीय कृषि क़ानूनों को रद्द किया जाए. साथ ही साथ किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को हमेशा के लिए लागू करने मांग की है. भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर किसानों की मांग को मान लेनी चाहिए.
कांग्रेस पार्टी काले कृषि कानूनों की वापसी तक किसानों के आंदोलन के साथ खड़ी रहेगी.

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