कोडरमा: झारखंड राज्य के कृषि व पशुपालन मंत्री बादल कोडरमा में हैं. . इस दौरान बादल कांग्रेस ज़िला महासचिव नवनीत ओझा, दीपक कुमार, ब्रिजेश चित्रलेख आदि के साथ बाघीटांड़ स्थित सर्किट हाउस से कोडरमा बाजार तक पैदल भ्रमण करते हुए लोगों से मिलते हुये सब्जी मंडी पहुंचे.कृषि मंत्री को सब्जी मंडी में देखकर किसान व सब्जी विक्रेता भी भौचक रह गए. सब्जी बेच रही सबिया देवी ने कहा कि मंत्री जी पैडले चल रनी हमरा तो विश्वास नहीं हो रलौ, कोई गार्डवा भी नहीं हौ साथ में. साथ ही कहा कि अभी तक हमरा पेंशन नहीं मिला है, तस्तपस्च मंत्री जी ने आश्वस्त किया कि जल्द पेंशन दिलाया जाएगा. कृषि मंत्री ने कृषक व सब्जी विक्रेताओं से मिलकर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्या से रूबरू हुये. उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार हर संभव उन्हें सहायता प्रदान करेगी. इस दौरान सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि नगर पंचायत के द्वारा निर्धत शुल्क देने के बाद भी सुविधा नहीं दी जाती है. सब्जी मंडी परिसर में एक शौचालय के बावजूद दूसरा शौचालय बना दिया गया है. नियमित साफ सफाई नहीं होती है. ज्ञात हो कि अधिकतर सब्जी विक्रेता रांची पटना स्थित एनएच 31 मार्ग के दोनों साइड सब्जी बेचते नज़र आते हैं. इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलखन सिंह ने मंत्री के समक्ष कोडरमा में महिला कॉलेज खोलने और ढिबरा को पुर्नजीवित करने के साथ अन्य समस्याओं से रूबरू कराया. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कृषि मंत्री जी तीनों कृषि कानूनों की वजह से हमसबों का भविष्य सशंकित है. किसानों ने कहा कि अगर यह कानून लागू होगा तो देश के किसान मजदूर बन जाएंगे. कृषि मंत्री ने कहा कि मैं खुद किसान का बेटा हूं और किसानों की पीड़ा को समझता हूं. अभी झारखंड सरकार के कृषि मंत्री होने की हैसियत से मेरी पूरी कोशिश है कि आपकी सारी समस्याओं का हल जल्द से जल्द निकाल लेंगे. मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर किसानों के साथ जो राजनीति कर रही है या अपने देश के किसानों के हित मे नहीं हैं, उस कोशिश को हम किसान और कांग्रेसी कार्यकर्ता कभी कामयाब नहीं होने देंगे. बहरहाल कृषि मंत्री के द्वारा पैदल भृमण बिना किसी लाह लश्कर के करना आम लोगों से मिलना बाजार में चर्चा का विषय बना रहा और लोगों ने इनकी सादगी की खूब प्रशंशा की. मौके पर हाजी आफ़ताब नवनीत ओझा, सुजीत सिंह,नवीन सिंह, मो सकीब, सूरज मालाकार, विजय निषाद, राजेश साव, अंबिका आदि मौजद रहे.

