50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफी के लिए आवश्यक प्रक्रिया अंतिम चरण में
रांची:- झारखंड के कृषि ,पशुपालन ,मत्स्य एवं सहकारिता मंत्री बादल सोमवार को देवघर जिले के सरवा प्रखंड स्थित बैद्यनाथपुर पहुंचे, जहां कृषिमंत्री पूरी तरह एक साधारण किसान के रूप में किसानों के बीच रहे. उन्होंने किसान के साथ मिलकर पत्थर के चाक पर धान की पिटाई भी की. बादल ने कहा कि वे खुद एक किसान है , किसान की तरह काम करना उन्हें बेहद अच्छा लगता है. इन्हीं अन्नदाताओं की बदौलत आज पूरा राज्य और देश आगे बढ़ रहा है ,झारखंड सरकार किसानों के लिए लगातार काम कर रही है लेकिन कुछ चीजें ठीक होने में समय लगता है जल्द ही सरकार किसानों के लिए कई और बेहतर कदम उठाने जा रहे हैं.
कृषिमंत्री ने यह भी साफ किया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित गठबंधन सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर 29 दिसंबर को किसानों को 50 हजार रुपये तक की कर्जमाफी का तोहफा मिलेगा. राज्य सरकार ने कृषि निर्यात नीति को मूर्त रूप देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, इसके अलावा जल्द ही मुख्यमंत्री पशुधन योजना की भी शुरुआत की जाएगी. इसके अलावा कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए विशेषज्ञों से भी सुझाव लिये जा रहे है. झारखंड से सब्जियों का विदेशों में निर्यात शुरू हो गया है और सब्जी उपज करने वाले किसानों के चेहरे पर खुशी लाने के लिए कृषि विभाग की ओर से कैलेंडर का निर्धारण कर किसानों को अधिक से अधिक फायदा दिलाने की कोशिश की जा रही है.प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कृषिमंत्री की ओर से यह भी भरोसा दिलाया गया है कि देशभर के किसान केंद्र सरकार की जिन नीतियों को लेकर आंदोलनरत है, उन किसानों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार संघीय ढांचे और संवैधानिक दायरे में रहते हुए किसानों के हित में आवश्यक कारगर कदम उठाएगी.

