रांची: कौशल विद्या अकादमी बनेगा जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के युवाओं को आईटीआई के साथ 11वीं और 12वीं की पढ़ाई एक साथ करा कर रोजगारोन्मुख बनाया जाएगा.
इस कौशल विद्या अकादमी में एक साथ 2000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सकेगा. कौशल कॉलेज के माध्यम से बेटियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगारोन्मुख बनाने का लक्ष्य है. ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रेझा फाउंडेशन के अध्यक्ष मुथू रमण से मुख्यमंत्री आवास में हुई एक बैठक के बाद कही.
मुख्यमंत्री ने प्रेझा फाउंडेशन के अध्यक्ष मुथू रमण के कौशल विद्या अकादमी के निर्माण के प्रस्ताव को सहमति भी दी है. ज्ञात हो कि मुथू रमण ने आज मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कौशल विद्या अकादमी (vocation in education) का प्रस्ताव दिया.
इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग की सचिव हिमानी पांडे ने बताया कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की एसपीवी प्रेझा फाउंडेशन द्वारा वर्तमान में 26 कल्याण गुरुकुल, 6 नर्सिंग कॉलेज एवं 1 आईटीआई कौशल कॉलेज का संचालन किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कौशल विकास को संस्थागत तरीके से क्रियान्वित करते हुए युवाओं को ना केवल नियोजित करने के साथ उन्हें और अधिक रोजगारोन्मुख बनाया है. कल्याण गुरुकुल के माध्यम से युवाओं को ना केवल देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में नियोजित किया जा रहा है, अपितु उन्हें विदेशों में भी नियोजित जा रहा है.

