साक्षरता कार्यक्रम के लोक प्रेरकों को दिया आश्वासन
रांची:- आजसू पार्टी के विधायक डॉ. लंबोदर महतो से साक्षर भारत कार्यक्रम के द्वारा संचालित लोक शिक्षा केंद्रों के प्रेरकों के बकाया मानदेय भुगतान तथा समायोजन के संबंध में चालू सत्र में सदन में आवाज उठाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का आग्रह किया गया है. यह आग्रह उनसे मिलने आयें अनुमंडलीय साक्षर भारत प्रेरक संघ, बुंडू के अध्यक्ष विदेशी महतो, सचिव हरिराम महतो , कोषाध्यक्ष चौधरी महतो, दिलेश्वर महतो, ममता देवी, मानवी देवी, कृष्णा देवी, रोहित महतो, सुवर्धन महतो एवं अशोक सेठ ने संयुक्त रूप से की है. मिलने आयें इन लोगों ने उन्हें इस बात से अवगत कराया कि साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत संचालित लोक शिक्षा केंद्र में प्रत्येक पंचायत में एक पुरुष प्रेरक तथा एक महिला प्रेरक का चयन ग्राम सभा के माध्यम से वर्ष 2010 में किया गया था. इसमें से 90 फीसद प्रेरक वर्ष 1995 से निःस्वार्थ भाव से कार्यरत थे. लेकिन 31 मार्च 2018 से कार्यक्रम को बंद कर दिया गया. प्रेरक का मानदेय दो हजार निर्धारित किया गया था, जो सरकार के न्यूनतम वेतन 18 हजार से बहुत कम है. इसके बावजूद भी प्रेरकों को 14-20 माह तक मानदेय नहीं मिला है. जिसके चलते प्रेरकों का परिवारिक झंझट के साथ-साथ बच्चों को पढ़ाने में बहुत अधिक असुविधा हो रही है. प्रेरकों द्वारा ही साक्षरता में वृद्धि दर भी बढ़ाया गया है. अपने स्तर से घर-घर जाकर मूल्यांकन प्रतियोगिता परीक्षा आयोजन किया गया था. इन लोगों ने विधायक को इस बात से भी अवगत कराया यह समस्या राज्य भर में बनी हुई है. विधायक ने इस मामले को सदन में उठाने का आश्वासन दिया.

